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बिसंग गांव में वर्षों बाद माँ भगवती जागर का भव्य आयोजन, ग्रामवासी एकजुट होकर दिखा रहे आस्था की शक्ति
बिसंग (चंपावत), 13 जुलाई 2025।
चंपावत जिले के बिसंग गांव में वर्षों बाद एक बार फिर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। माँ भगवती जागर समिति (सुई - बिसंग) के तत्वावधान में 10 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक कोट महरा, बिसंग में माँ भगवती जागर का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण है। आयोजन की भव्यता और ग्रामवासियों की भागीदारी यह सिद्ध करती है कि जब देवी-देवताओं के प्रति समर्पण और एकजुटता होती है, तो गाँव-समाज में अद्वितीय शक्ति का संचार होता है।
गाँव के युवाओं की भूमिका इस आयोजन में विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वर्षों बाद हो रहे इस जागर कार्यक्रम में उन्होंने न केवल बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई, बल्कि परंपराओं को पुनर्जीवित करने का भी काम किया है।
स्थानीय जनों का मानना है कि यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था के पुनर्जागरण का प्रतीक है। इससे आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि यह आयोजन देवी माँ की कृपा से ही संभव हो पाया है और आज पूरा गांव माँ के जयकारों से गूंज रहा है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक अनुष्ठानों, सामूहिक भजन-कीर्तन व रात्रि जागरण की व्यवस्थाएं की गई हैं।
बिसंग गांव को कोटि-कोटि वंदन है, जिन्होंने यह प्रेरणादायक पहल कर देवभूमि उत्तराखंड को एक सकारात्मक संदेश दिया है। यह आयोजन आने वाले समय में अन्य गांवों के लिए भी एक प्रेरणा-स्रोत सिद्ध हो सकता है।