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उत्तराखंड में भ्रष्टाचारियों की खैर नहीं, सरकार सख्त, CM पुष्कर सिंह धामी ने विजिलेंस को दी कार्रवाई की खुली छूट
देहरादून, 18 जुलाई 2025:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन नीति का असर अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आने लगा है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ने सख्त रुख अपनाते हुए बीते चार वर्षों में 82 मामलों में कार्रवाई कर 94 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 13 राजपत्रित अधिकारी भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद विजिलेंस को खुली छूट दी गई, जिसके परिणामस्वरूप भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से जांच और कार्रवाई हुई। विजिलेंस ने न केवल भ्रष्टाचारियों को गिरफ्तार किया बल्कि मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के दम पर अदालत से 71 प्रतिशत मामलों में सजा भी दिलवाई।
विजिलेंस को पिछले चार वर्षों में कुल 125 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 18 मामलों में सामान्य जांच, 25 में खुली जांच तथा 82 मामलों में ट्रैप कार्रवाई की गई। इन कार्रवाइयों के अंतर्गत अब तक 94 व्यक्ति गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
वर्षवार कार्रवाई का ब्यौरा:
वर्ष गिरफ्तारियां कोर्ट में निर्णय सजा
2021 07 02 02
2022 15 03 01
2023 20 18 16
2024 38 13 07
2025* 14 03 02
नोट: वर्ष 2025 के आंकड़े 15 जुलाई तक के हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, हम देवभूमि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त कर सुशासन की कार्य संस्कृति विकसित करना चाहते हैं। मैंने बतौर मुख्य सेवक कार्यभार संभालने के दिन से ही विजिलेंस को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अब इसका असर जमीन पर दिखने लगा है।
साथ ही सरकार ने आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए टोल फ्री नंबर 1064 भी जारी किया है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकता है।
उत्तराखंड सरकार का संकल्प
भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन
पारदर्शिता और जवाबदेही
त्वरित जांच और सजा
यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अब उत्तराखंड में भ्रष्टाचारियों की कोई जगह नहीं बची है।