• होम
  • उत्तराखंड
  • देश/राष्ट्र
  • खेल समाचार
  • लोकल खबर
  • तथ्य एवं घटनाएं
  • क्रिकेट स्कोर
  • बारे में
  • सम्पर्क करें
No Result
View All Result

No Result
View All Result
ब्रेकिंग >>> सावन उत्सव में बिखरे देवभूमि की लोक-संस्कृति के रंग, उमड़ी मातृशक्ति। , >>> स्वाला डेंजर जोन पर सरकार की बड़ी कवायद, 17.85 करोड़ के ट्रीटमेंट से थमा भूस्खलन का खतरा। , >>> सीमांत चम्पावत को 10.47 करोड़ की सौगात, 58 विकास योजनाओं को मिली मंजूरी। , >>> गंगोलीहाट स्वास्थ्य शिविर में 872 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, 13 नसबंदी ऑपरेशन। , >>> चंपावत में पहली बार गूंजेगा सावन का उल्लास, गीता धामी संग महिलाएं मनाएंगी सावन उत्सव। ,

Sunday, 09-August-2026

होम उत्तराखंड चंपावत

स्वावलंबन से समृद्धि: शांति देवी की प्रेरणादायक कहानी, सशक्त महिला, समृद्ध उत्तराखंड - आदर्श चंपावत की ओर बढ़ते कदम। (Champawat News)

Posted by admin
2026-07-01 16:18:17
0

खबर को शेयर करें:

Share Share Share

🔊

स्वावलंबन से समृद्धि: शांति देवी की प्रेरणादायक कहानी, सशक्त महिला, समृद्ध उत्तराखंड - आदर्श चंपावत की ओर बढ़ते कदम।


उत्तराखंड के मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और आदर्श चंपावत की परिकल्पना जनपद के सुदूर ग्रामीण अंचलों में आर्थिक और सामाजिक बदलाव की एक नई कहानी लिख रही है।

चंपावत जिला मुख्यालय से दूर पाटी विकासखंड का सीमांत गांव 'डिक्टी' आज एक ऐसी ही आजीविका क्रांति का साक्षी बना है, जिसने साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का ईमानदार सहयोग मिले, तो ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।

डिक्टी गांव की रहने वाली श्रीमती शांति देवी की कहानी इसी संकल्प और स्वावलंबन का एक जीवंत उदाहरण है।
परियोजना के आगमन से पूर्व, शांति देवी का जीवन अत्यधिक संघर्षों और आर्थिक तंगहाली के साए में बीत रहा था। उनके पति श्री ललित मोहन गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के कारण कोई भी शारीरिक श्रम या आजीविका का साधन अपनाने में पूरी तरह असमर्थ थे।
ऐसे कठिन समय में पूरे परिवार के भरण-पोषण और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने की पूरी जिम्मेदारी शांति देवी के कंधों पर आ गई थी।

बिना किसी निश्चित आय और ठोस वित्तीय साधन के, उनके सामने अपने परिवार को एक सम्मानजनक जीवन देना एक बेहद कठिन चुनौती बन चुका था। आर्थिक विपन्नता के उस दौर में वे लगातार किसी ऐसे अवसर की तलाश में थीं जो उनके परिवार को इस संकट से उबार सके। तभी ग्रामोत्थान परियोजना, आईएफएडी (IFAD), केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (USRLM) और एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना (ILSP) के साझा प्रयासों ने शांति देवी जैसे कर्मठ परिवारों के जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाई।

इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत डिक्टी गांव में 'परिवर्तन महिला संकुल संघ' के अधीन 'आदर्श स्वयं सहायता समूह' का गठन किया गया, जिसमें शांति देवी सहित गांव की नौ कर्मठ महिलाओं को जोड़ा गया।

परियोजना की टीम ने जब गांव का दौरा किया, तो उन्होंने न केवल शांति देवी की विपरीत परिस्थितियों को समझा बल्कि उनके भीतर आत्मनिर्भर बनने के जज्बे को भी पहचाना।

आवश्यक भौतिक सत्यापन और दस्तावेजी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, शांति देवी को लघु उद्यम स्थापना योजना के तहत 'गाय पालन' व्यवसाय के लिए चुना गया। इस व्यवसाय को धरातल पर उतारने के लिए उन्हें कुल 3,00,000.00 (तीन लाख) रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जिसमें नियमानुसार 75,000.00 रुपये की अनुदान राशि, 1,50,000.00 रुपये का बैंक ऋण और 75,000.00 रुपये लाभार्थी अंशदान शामिल था।

इस वित्तीय और संस्थागत सहयोग के बल पर शांति देवी ने अच्छी गुणवत्ता वाली तीन दुधारू गाएं खरीदीं और अपने घर से ही दुग्ध उत्पादन का कार्य पूरी निष्ठा के साथ प्रारंभ किया। वर्तमान में वे प्रतिदिन 8 से 10 लीटर दूध का उत्पादन कर रही हैं और शुद्ध दूध बेचने के साथ-साथ घर पर ही खोया एवं पनीर जैसे दुग्ध उत्पाद बनाकर बाजार में बेचती हैं।

इस व्यवसाय से उन्हें हर महीने 6,000 से 7,000 रुपये की एक निश्चित और नियमित आय प्राप्त हो रही है। इस आत्मनिर्भरता ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है, बल्कि उनके बीमार पति की देखभाल और बच्चों की दैनिक आवश्यकताओं को भी एक बेहतर ढंग से पूरा करने का जरिया दिया है।

श्रीमती शांति देवी की यह सफलता आज पाटी विकासखंड और पूरे चंपावत जनपद के लिए एक मिसाल बन चुकी है। यह कहानी इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि मुख्यमंत्री जी की 'आदर्श चंपावत' की परिकल्पना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उनके पलायन को रोकने और उनके जीवन स्तर को सुधारने में पूरी तरह सफल सिद्ध हो रही है।

शांति देवी का यह सफर दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन, वित्तीय सुदृढ़ता और संस्थागत सहयोग से पहाड़ की मातृशक्ति स्वावलंबन की एक नई पहचान गढ़ सकती है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मुख्य सूत्रधार बन सकती है।


खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें:

खबर को शेयर करें:

Facebook Twitter WhatsApp

अपनी खबर यहां पोस्ट करें

संबंधित खबरें

    सावन उत्सव में बिखरे देवभूमि की लोक-संस्कृति के रंग, उमड़ी मातृशक्ति।

    स्वाला डेंजर जोन पर सरकार की बड़ी कवायद, 17.85 करोड़ के ट्रीटमेंट से थमा भूस्खलन का खतरा।

    सीमांत चम्पावत को 10.47 करोड़ की सौगात, 58 विकास योजनाओं को मिली मंजूरी।

    गंगोलीहाट स्वास्थ्य शिविर में 872 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, 13 नसबंदी ऑपरेशन।

    चंपावत में पहली बार गूंजेगा सावन का उल्लास, गीता धामी संग महिलाएं मनाएंगी सावन उत्सव।

    जिलाधिकारी के निर्देशों पर लोहाघाट में दुकानों एवं जनरल स्टोरों का हुआ सघन निरीक्षण।

    मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सीमांत विकास के विजन को मिल रही मजबूती।

    जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में एसडीएम ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, उपजिलाधिकारी ने अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा।

    सर्पदंश पीड़ित की मौत से शोक, अस्पताल कर्मियों के व्यवहार पर ग्रामीणों में आक्रोश

    वृक्षारोपण कर सादगी से मनाया कोतवाल कैलाश जोशी ने जन्मदिन।

    एनसीसी कैडेटों ने स्वच्छता पखवाड़े के तहत निकाली जागरूकता रैली, किया पौधरोपण।

    चम्पावत में एसआईआर-2026 के लिए नोडल अधिकारी नामित, मतदाता दस्तावेजों का होगा त्वरित सत्यापन।

    दूरस्थ क्षेत्रों में मजबूत होगा मोबाइल नेटवर्क, डीएम ने टेलीकॉम कंपनियों को दिए सख्त निर्देश, भारतनेट, मोबाइल टावर और वायरलेस संचार व्यवस्था की समीक्षा, बूम, पूर्णागिरि, चूका व ठुलीगाड़ में नेटवर्क सुधार पर जोर।

    गुटखा नहीं, धीमा ज़हर है यह आदत; आयुर्वेद विशेषज्ञ ने चेताया-युवाओं को बना रहा कैंसर का शिकार, जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश सिंह बसेड़ा बोले-दृढ़ इच्छाशक्ति और घरेलू उपायों से छोड़ी जा सकती है गुटखे की लत।

    मा.मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खेतखेड़ा गांव की बाढ़ सुरक्षा योजना को दी मंजूरी, शारदा नदी से होने वाले भू-कटाव को रोकने के लिए 6.82 करोड़ रुपये स्वीकृत, ग्रामीणों और कृषि भूमि को मिलेगी सुरक्षा।

    पाटी में तीन दिवसीय विशेष चिकित्सा शिविर शुरू, पहले दिन 254 मरीजों ने ली नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं।

    चम्पावत की रीतिका बगौली को तीलू रौतेली पुरस्कार, पर्यावरण नवाचार के लिए मिली पहचान।

    विश्व स्तनपान सप्ताह: हिमवत्स ने माताओं को नवजात के पोषण और स्तनपान के प्रति किया जागरूक

    पुलिस की पाठशाला में छात्रों को साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा का पाठ

    मॉडल जिले में कोई भी दिव्यांग सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा- डीएम मनीष कुमार।


Comments:

No Comments Added.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

उत्तराखंड देश/राष्ट्र खेल समाचार
लोकल खबर तथ्य एवं घटनाएं सरकारी नौकरी
तकनीकी समाचार ज्योतिष विद्या
लाइव क्रिकेट स्कोर मौसम का हाल कैलेंडर
  • होम
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • सेवा शर्तें

© Champawat News, All rights reserved. Designed and Developed by LD Bhatt, Whatsapp: +91-9540281104

error: Content is protected !!
X
Close Menu
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखंड
  • देश/राष्ट्र
  • खेल समाचार
  • लोकल खबर
  • तथ्य एवं घटनाएं
  • लाइव क्रिकेट स्कोर
  • हमारे बारे में
  • सम्पर्क करें

© Champawat News All rights reserved. Powered by ExtraGo.in