🔊
विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर चंपावत प्रशासन अलर्ट, डीएम मनीष कुमार ने की विस्तृत समीक्षा
मतदान केंद्रों के सत्यापन से लेकर ईवीएम-वीवीपैट, कार्मिक, वाहन और सुरक्षा व्यवस्था तक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश
चंपावत में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। सोमवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में निर्वाचन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। चंपावत जिला प्रशासन के निर्वाचन पोर्टल पर भी विधानसभा-2027 के लिए लोहाघाट में 185 और चंपावत में 159 मतदान बूथ दर्ज हैं।
मतदान केंद्रों की सुविधाओं का होगा भौतिक सत्यापन
बैठक में सभी मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन, पी-3 श्रेणी के मतदान केंद्रों के निरीक्षण और वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को पहुंच मार्ग, बिजली, पेयजल, शौचालय और रैंप सहित आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच कर कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए गए।
दिव्यांग और 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं पर विशेष फोकस
जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिव्यांग एवं 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। दिव्यांग मतदाताओं की मैपिंग, मतदाता विवरण अद्यतन करने तथा पात्र मतदाताओं के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार होम वोटिंग की तैयारियां समय से पूरी करने को कहा गया।
ईवीएम-वीवीपैट और चुनावी कार्मिकों की तैयारियां भी तेज
बैठक में मतदान एवं मतगणना कार्मिकों, निर्वाचन व्यय निगरानी टीमों और अन्य चुनावी कार्यों में लगाए जाने वाले कार्मिकों का डाटाबेस तैयार करने की समीक्षा की गई। ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच, वल्नरेबिलिटी मैपिंग और निर्वाचन व्यय निगरानी को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
जिला निर्वाचन अधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों एवं मतदान केंद्रों का समय से आकलन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान करने के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
वाहन और सुरक्षा बलों के ठहरने की भी तैयारी
निर्वाचन कार्यों के लिए हल्के एवं भारी वाहनों की उपलब्धता, सुरक्षा बलों और निर्वाचन सामग्री के आवागमन तथा CAPF के ठहरने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। सुरक्षा बलों के लिए आवास, पेयजल, बिजली और स्वच्छता जैसी सुविधाओं वाले स्थानों का चिन्हीकरण करने को कहा गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ तैयारियों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड में निर्वाचन तैयारियों के संदर्भ में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से 2026 में मतदाता पुनरीक्षण और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा गतिविधियां भी जारी हैं।