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हर-हर महादेव के जयघोष के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ, सीएम धामी ने पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी, 49 श्रद्धालु टनकपुर से हुए रवाना, डमरू बजाकर भगवान शिव से सफल यात्रा की कामना; देवभूमि की संस्कृति और आत्मीय स्वागत से भावुक हुए तीर्थयात्री।
टनकपुर (चम्पावत)। टनकपुर से रविवार को पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से पहले तीर्थयात्री दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव का डमरू बजाते हुए सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय, सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले दल में 51 श्रद्धालुओं को शामिल होना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से दो श्रद्धालु यात्रा में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में 49 तीर्थयात्री पहले जत्थे के रूप में कैलाश मानसरोवर के लिए रवाना हुए। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं का टनकपुर में पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। मां पूर्णागिरि की पावन धरती, देवभूमि की संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य से तीर्थयात्री भावुक नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यहां पहुंचते ही उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो भगवान शिव स्वयं अपनी जटाओं की शीतल छाया में उनका स्वागत कर रहे हों। स्वागत से अभिभूत श्रद्धालुओं की आंखें नम थीं और उनके चेहरे पर कैलाश दर्शन की उत्सुकता साफ झलक रही थी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा जीवन की सबसे पवित्र और अविस्मरणीय आध्यात्मिक यात्राओं में से एक है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में भगवान भोलेनाथ का वास है और यहां आने वाला हर श्रद्धालु दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करता है। मुख्यमंत्री ने सभी तीर्थयात्रियों का शॉल ओढ़ाकर, तिलक लगाकर और रुद्राक्ष की माला व भगवान शिव का रक्षा-कवच पट पहनाकर सम्मान किया तथा उनकी सुखद यात्रा की कामना की।
इस अवसर पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
फोटो टनकपुर में कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।