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पहाड़ की बेटी ने रचा इतिहास: ड्राइवर की बेटी निकिता फर्त्याल ने NEET में लहराया परचम, क्षेत्र में खुशी की लहर।
लोहाघाट (चंपावत):
कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और इरादे पक्के, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में रोड़ा नहीं बन सकते। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है चंपावत जिले के लोहाघाट के सुरेल (मेदी फर्त्याल), बिसंग क्षेत्र की रहने वाली निकिता फर्त्याल ने। निकिता ने देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने NEET परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 14,000 और जनरल रैंक 5,500 प्राप्त की है। इस शानदार प्रदर्शन के बाद उनका उत्तराखंड के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट पर प्रवेश लगभग सुनिश्चित हो गया है।
साधारण परिवार, असाधारण सफलता:
वर्ष 2007 में जन्मी निकिता, दीपक सिंह फर्त्याल और श्रीमती लक्ष्मी फर्त्याल की सुपुत्री हैं। उनके पिता दिल्ली की एक निजी कंपनी में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और ईमानदारी से परिवार का पालन-पोषण किया। वहीं उनकी माता एक समर्पित गृहिणी हैं। सीमित आय के बावजूद माता-पिता ने अपने बच्चों की शिक्षा और संस्कारों में कभी कोई कमी नहीं आने दी।
निकिता की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के एक सामान्य निजी स्कूल से हुई। वह बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि और अनुशासित छात्रा रही हैं। आर्थिक तंगहाली के कारण निकिता के पास महंगी कोचिंग या विशेष सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, लेकिन उन्होंने अपनी लगन, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया। निकिता ने साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प से मिलती है।
क्षेत्र में बधाई देने वालों का तांता:
निकिता की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूर्व विधायक पूरन फर्त्याल, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष उत्तम फर्त्याल, त्रिभुवन उपाध्याय, अशोक फर्त्याल, नरेश फर्त्याल, कैलाश फर्त्याल, ग्राम प्रधान राजू फर्त्याल और मनीष फर्त्याल सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों ने दीपक सिंह फर्त्याल, उनकी पत्नी लक्ष्मी और बेटी निकिता को बधाई दी है। सभी ने निकिता के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।
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