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नेपाल सीमा के बिल्दे गांव में आस्था का महाकुंभ: सात पीढ़ियां एक मंच पर जुटीं, नव-निर्मित मंदिर में मां ज्वाला देवी की प्राण-प्रतिष्ठा।
नेपाल सीमा के बिल्दे गांव में आस्था का महाकुंभ: सात पीढ़ियां एक मंच पर जुटीं, नव-निर्मित मंदिर में मां ज्वाला देवी की प्राण-प्रतिष्ठा।
देशभर से पहुंचे देवलिया पाण्डेय परिवार के सैकड़ों सदस्य, हिमाचल के कांगड़ा से लाई गई अखंड ज्योति; पांच दिवसीय महायज्ञ में विश्व कल्याण की कामना।
लोहाघाट। भारत-नेपाल सीमा से सटे गुमदेश क्षेत्र के बिल्दे गांव में आयोजित पांच दिवसीय धार्मिक महायज्ञ आस्था, संस्कृति और पारिवारिक एकता का ऐतिहासिक साक्षी बना। देवलिया वंश के पाण्डेय परिवार की इष्ट कुलदेवी मां ज्वाला देवी के नव-निर्मित भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर देशभर में बसे परिवार की सात पीढ़ियों के सदस्य एक साथ गांव पहुंचे। अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, हैदराबाद, जयपुर, भोपाल सहित उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरे परिवार के साथ अनुष्ठान में भाग लेकर कुलदेवी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस भव्य आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां ज्वाला देवी धाम से अखंड ज्योति विशेष रूप से बिल्दे गांव लाई गई, जिसके सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर में विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। महायज्ञ में विश्व शांति, मानव कल्याण और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए विशेष आहुतियां दी गईं।
बताया गया कि देवलिया पाण्डेय समाज के प्रमुखों को एक साथ अपनी कुलदेवी का भव्य मंदिर बनाने की प्रेरणा मिली। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर इस संकल्प को साकार किया और आज यह मंदिर पूरे क्षेत्र में आस्था का नया केंद्र बन गया है। इस आयोजन ने वर्षों पहले गांव से पलायन कर चुके लोगों को भी अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य किया। नई पीढ़ी ने भी कुल परंपराओं और धार्मिक संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद परिवार ने निर्णय लिया कि भविष्य में बच्चों के जनेऊ संस्कार सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी इसी मंदिर परिसर में सादगी और कम खर्च में संपन्न कराए जाएंगे, जिससे समाज में फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने का संदेश भी जाएगा।
पांच दिनों तक चले इस महायज्ञ के सफल आयोजन और पाण्डेय परिवार की श्रद्धा, अनुशासन एवं सामूहिक सहभागिता की पूरे गुमदेश क्षेत्र में सराहना हो रही है।
फोटो - बिल्दे गांव में आयोजित पांच दिवसीय महायज्ञ के दौरान विश्व कल्याण की कामना के साथ यज्ञ में आहुतियां देते आयोजक एवं श्रद्धालु।
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