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धारी-धुमलाकोट में पेयजल संकट पर भड़के ग्रामीण, अनशन और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी।
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। विकासखंड गंगोलीहाट की ग्राम सभा धारी-धुमलाकोट में गहराते पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1980 में बिछाई गई टैंक और पाइपलाइन अब जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं, जिसके चलते गांव में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में ‘वासकि नाग पंपिंग योजना’ से पेयजल आपूर्ति की जाती है, लेकिन चारों तोकों में पानी की स्थिति लगातार खराब बनी हुई है। ग्रामीण लंबे समय से पेयजल व्यवस्था की जांच और समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान अनूपा देवी ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष से पानी की स्थिति की जांच के लिए कोई कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की ओर से लगातार मांग उठाए जाने के बावजूद विभाग और प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।
प्रधान ने कहा कि धारी-धुमलाकोट अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र है और ग्रामीणों को आशंका है कि इसी वजह से उनकी समस्या की अनदेखी हो रही है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो महिलाएं और ग्रामीण अनशन एवं आंदोलन शुरू करेंगे। साथ ही आगामी चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी भी दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से गांव की पेयजल व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण कर जर्जर पाइपलाइन व टैंक को दुरुस्त कराने तथा नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस दौरान महेश राम, राकेश कुमार, सोनिया, सरिता, अनूपा देवी, इंद्रा देवी, सरस्वती देवी, पुष्पा देवी, सुनीता देवी, सावंती देवी, प्रिया, शोभा देवी, रश्मि, राजेश कुमार, विशान राम, फकीर राम, कमल कुमार, हरीश चंद्र, गणेश लाल, सूरज कुमार, गणेश राम, भगवान राम, बसंत राम सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।