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गंगोलीहाट में मूलभूत समस्याओं को लेकर अनिश्चितकालीन धरना छठे दिन भी जारी, बेरीनाग व गणाई गंगोली से मिला समर्थन
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। विधानसभा क्षेत्र गंगोलीहाट में मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल न होने, बदहाल सड़कों, खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन छठे दिन भी जारी रहा। आंदोलन की अगुवाई उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष (अ.जा. प्रकोष्ठ) मनोज टम्टा कर रहे हैं।
छठे दिन क्रमिक अनशन एवं विरोध प्रदर्शन में मनोज टम्टा, राम सिंह महरा, षष्टी भट्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शोबन राम और मेहर सिंह बिष्ट धरने पर डटे रहे। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर गंगोलीहाट क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं लंबे समय से कागजों तक सीमित हैं, जिससे क्षेत्र की जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।
आंदोलन को लगातार विभिन्न क्षेत्रों से समर्थन मिल रहा है। बेरीनाग, पुगराऊं घाटी और गणाई गंगोली से बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं कांग्रेस कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
समर्थन देने वालों में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बेरीनाग हेम पंत, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बेरीनाग अमित पाठक, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बेरीनाग मनोज सानी, केसर महरा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पुगराऊं घाटी त्रिलोक सिंह कार्की, ग्राम प्रधान चौकी गणाई राजेश बोरा, देवेंद्र सिंह मेहता, कुंदन धानिक, पूर्व प्रधान हेम कुमार तथा कैलाश चंद्र भट्ट समेत अन्य लोग शामिल रहे।
अधिकारियों ने की आंदोलन समाप्त करने की अपील
इधर, तहसीलदार देवांश प्रताप और राजस्व निरीक्षक मोहन गिरी अपनी टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से वार्ता कर आंदोलन समाप्त करने की अपील की।
हालांकि आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर धरातल में कार्य शुरू होने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि आगामी दो सप्ताह के भीतर घोषणाओं से संबंधित कार्य शुरू नहीं हुए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि सड़कों का सुधारीकरण, अस्पतालों में चिकित्सकों एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था तथा मुख्यमंत्री की घोषणाओं को धरातल पर उतारने तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा।