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उपनल कर्मचारियों के विनियमितीकरण मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह का समय दिया, 7 अगस्त को अगली सुनवाई
नैनीताल, 27 जून 2025 — उत्तराखंड हाईकोर्ट में आज उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) के कर्मचारियों के विनियमितीकरण से संबंधित अवमानना वाद (वाद संख्या: क्लोन 402/2024, उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ बनाम आनन्द वर्धन, मुख्य सचिव, उत्तराखंड सरकार) की सुनवाई हुई।
इस प्रकरण में सरकार की ओर से महाधिवक्ता एस एन बाबूलकर, जबकि उपनल कर्मचारी संघ की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एस आर सिंह, एम सी पंत और अंकुर यादव ने पैरवी की
सरकारी पक्ष ने अदालत को सूचित किया कि उपनल कर्मचारियों के विनियमितीकरण हेतु आवश्यक सलाह सरकार को दी जा चुकी है तथा मामला कैबिनेट के विचाराधीन है। साथ ही, वर्तमान में पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण निर्णय प्रक्रिया में विलंब हो रहा है। महाधिवक्ता द्वारा न्यायालय से छह सप्ताह का समय माँगा गया, किंतु न्यायालय ने केवल चार सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया
वरिष्ठ अधिवक्ता एस आर सिंह द्वारा अदालत को अवगत कराया गया कि कुंदन सिंह मामले में पारित निर्णय के अनुसार न्यूनतम वेतन एवं बकाया एरियर का भुगतान भी लंबित है, जिसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए। इस पर सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि वित्तीय दायित्वों के कारण यह निर्णय मुख्य सचिव के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसके लिए मंत्रिमंडल की स्वीकृति आवश्यक है
न्यायालय ने मामले की सुनवाई के पश्चात निम्नलिखित निर्देश दिए
राज्य सरकार चार सप्ताह के भीतर उपनल कर्मचारियों के विनियमितीकरण पर निर्णय ले
सुशीला तिवारी अस्पताल में कार्यरत उपनल कार्मिकों को आगामी 15 दिनों के भीतर तीन माह का बकाया वेतन भुगतान किया जाए
मामले की अगली सुनवाई की तिथि 7 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है