🔊
साइबर अपराध पर उत्तराखंड STF का प्रहार, पहली छमाही में रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई, 20 से अधिक गिरफ्तारी, 10 करोड़ से ज्यादा की जनता की रकम बचाई
देहरादून, 30 जून 2025।
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स STF और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन CCPS ने वर्ष 2025 की पहली छमाही (जनवरी से जून) में साइबर अपराधों के विरुद्ध की गई ऐतिहासिक और सघन कार्रवाई के जरिए पिछले सभी वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस अवधि में 140 साइबर अपराधियों के विरुद्ध देशभर में विधिक कार्रवाई की गई, जिनमें 20 गिरफ्तारी, 08 वॉरंट-B के तहत गिरफ्तारियां और 112 आरोपियों को नोटिस जारी किए गए।
10.53 करोड़ की रकम साइबर ठगों से बचाई गई
STF और CCPS की तकनीकी दक्षता और तेजी से की गई कार्रवाई से प्रदेशवासियों की कुल 10.53 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से रिकवरी या रोकथाम संभव हो सकी। यह कार्य 1930 साइबर हेल्पलाइन, बैंक समन्वय, UPI होल्डिंग और ट्रेसिंग तकनीकों के माध्यम से किया गया।
प्रमुख अभियान और उपलब्धियाँ
ऑपरेशन SIM (पिथौरागढ़)
फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए सिम जारी करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश, 758 सिम कार्ड जब्त। यह सिम साइबर अपराधियों को सप्लाई किए जा रहे थे।
ऑपरेशन प्रहार (17 राज्यों में कार्रवाई)
देशभर में फैले गिरोहों पर करारा प्रहार, 65 अभियुक्तों पर विधिक कार्रवाई, डिजिटल साक्ष्य जब्त, गिरफ्तारी और नोटिस शामिल।
ऑपरेशन हेली
चारधाम यात्रा से जुड़े फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग विज्ञापन पर कार्रवाई
142 वेबसाइट या वेबपेज ब्लॉक
117 मोबाइल नंबर, 35 व्हाट्सएप अकाउंट, 67 बैंक खाते ब्लॉक किए गए
पुलिस की रणनीति और नेतृत्व
सरलीकरण, समाधान और निस्तारण की नीति पर चलते हुए उत्तराखण्ड पुलिस जनता को सरल और प्रभावी न्याय प्रदान कर रही है
डीजीपी श्री दीपम सेठ, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ वी मुरुगेसन और आईजी साइबर डॉ नीलेश आनंद भरणे के मार्गदर्शन में कार्य
एसएसपी STF श्री नवनीत सिंह के नेतृत्व में समन्वित और सटीक अभियान
तकनीकी विश्लेषण में डीएसपी श्री अंकुश मिश्रा, पर्यवेक्षण में एएसपी स्वप्न किशोर की भूमिका उल्लेखनीय
ज़मीनी स्तर पर त्रिभुवन रौतेला (देहरादून), अरुण कुमार (यूएस नगर) और सुधीर कुमार (1930 कंट्रोल रूम) की अहम भागीदारी
साइबर भविष्य की तैयारी में उत्तराखंड सबसे आगे
उत्तराखण्ड पुलिस आने वाले समय की साइबर चुनौतियों से निपटने हेतु तकनीकी सशक्तिकरण और साइबर कमांडो चयन में अग्रणी भूमिका निभा रही है। वर्ष 2025 में पूरे भारत में तीसरे स्थान पर सबसे अधिक साइबर कमांडो चयन कर प्रदेश की साइबर सुरक्षा को नई मजबूती दी गई है।
STF उत्तराखण्ड अब केवल राज्य की नहीं, बल्कि देश की साइबर सुरक्षा का मॉडल बनता जा रहा है।