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उत्तराखंड में बिजली दरों में 5.62% की वृद्धि, यूपीसीएल को वास्तविक रूप से मात्र 0.10% का लाभ
देहरादून, 11 अप्रैल 2025 — उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए बिजली दरों में 5.62% की वृद्धि को मंजूरी दी है। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने 12.01% की वृद्धि का प्रस्ताव रखा था, लेकिन आयोग ने उपभोक्ताओं पर भार को कम रखने के उद्देश्य से इसे आंशिक रूप से स्वीकार किया।
इस स्वीकृत वृद्धि में से 5.52% राशि यूजेवीएनएल और पिटकुल को पिछले वर्षों की बकाया धनराशि के भुगतान के लिए निर्धारित की गई है। परिणामस्वरूप, यूपीसीएल को केवल 0.10% की वास्तविक वृद्धि प्राप्त हुई है।
अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड की विद्युत दरें अभी भी कम
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए उत्तराखंड में नई विद्युत दर ₹6.16 प्रति यूनिट निर्धारित की गई है, जो अन्य राज्यों की तुलना में कम है:
हिमाचल प्रदेश: ₹6.33 प्रति यूनिट
मध्य प्रदेश: ₹6.71 प्रति यूनिट
उत्तर प्रदेश: ₹6.71 प्रति यूनिट
राजस्थान: ₹8.42 प्रति यूनिट
बिहार: ₹8.62 प्रति यूनिट
महाराष्ट्र: ₹9.47 प्रति यूनिट
डिमांड/फिक्स्ड चार्जेस में कोई वृद्धि नहीं
आयोग ने कृषि श्रेणी (RTS 4A) को छोड़कर अन्य सभी श्रेणियों के डिमांड/फिक्स्ड चार्जेस में कोई वृद्धि नहीं की है। बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए मात्र ₹0.10 प्रति यूनिट की वृद्धि अनुमन्य की गई है।
उद्योगों ने जताई आपत्ति
काशीपुर में केजीसीसीआई अध्यक्ष अशोक बंसल ने यूपीसीएल के टैरिफ वृद्धि प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। उन्होंने वितरण हानियों को नियंत्रित करने और वित्तीय प्रबंधन में सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ती विद्युत दरें राज्य के औद्योगिक विकास को प्रभावित कर सकती हैं।
आयोग ने उपभोक्ताओं की राय को लिया संज्ञान में
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने विभिन्न स्थानों पर जनसुनवाई आयोजित कर उपभोक्ताओं की राय और आपत्तियों को सुना। आयोग के अध्यक्ष मदन लाल प्रसाद ने बताया कि उपभोक्ताओं के सुझावों को गंभीरता से लिया गया है, जिससे दर वृद्धि को न्यूनतम रखा जा सके।
नई दरें 1 अप्रैल 2025 से लागू
स्वीकृत नई विद्युत दरें 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो गई हैं। आयोग का उद्देश्य उपभोक्ताओं पर न्यूनतम भार डालते हुए ऊर्जा कंपनियों की वित्तीय आवश्यकताओं को संतुलित करना है।