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राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा सवाल - राजधानी के हृदयस्थल में धमाका, जांच एजेंसियां सतर्क, दिल्ली दहली - 11 की मौत, 20 से अधिक घायल - देशभर में हाई अलर्ट, एनआईए की टीम मौके पर, फिदायीन हमले की आशंका -जांच तेज, गदरपुर (उत्तराखंड) का युवक भी हुआ घायल
नई दिल्ली, 10 नवंबर 2025।
राजधानी दिल्ली सोमवार शाम दहल गई, जब ऐतिहासिक लाल किले के पास मेट्रो स्टेशन के निकट एक कार में अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के साथ ही वहां खड़ी कई कारों में आग लग गई, जिससे पूरा इलाका दहशत में आ गया।
इस विस्फोट में 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को पास के एलएनजेपी और आरएमएल अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
धमाके की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनआईए की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
एनआईए ने प्राथमिक जांच में इसे फिदायीन हमले की संभावना से भी जोड़ा है। हालांकि आधिकारिक रूप से अभी किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
दिल्ली पुलिस ने कोतवाली थाने में UAPA की धारा 16 और 18, साथ ही विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इस घटना के बाद दिल्ली-एनसीआर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब पुलिस को भी चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड के गदरपुर निवासी एक युवक के इस धमाके में घायल होने की खबर है।
धमाके के बाद देशभर से दुख और संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। जापान, ईरान, ब्रिटेन समेत कई देशों ने भारत सरकार और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।
लाल किले जैसा ऐतिहासिक और अत्यधिक सुरक्षा वाला इलाका यदि आतंकियों के निशाने पर आ सकता है, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा संकेत है। यह घटना न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है कि आतंकवाद के खिलाफ चौकसी में कोई ढिलाई घातक साबित हो सकती है।