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ऑपरेशन कालनेमि में बड़ी सफलता: बांग्लादेशी घुसपैठिया उत्तराखंड में फर्जी भारतीय पहचान के साथ गिरफ्तार, प्रेमिका रीना महिला साथी भी पकड़ी गई
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चल रहे ऑपरेशन कालनेमि के तहत देहरादून पुलिस व LIU को गुरुवार, 20 नवंबर 2025 को बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से बांग्लादेशी नागरिक ममून हसन (28 वर्ष) उर्फ सचिन चौहान और उसकी साथी रीना चौहान (मूल निवासी-त्यूणी) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि ममून हसन पिछले कई वर्षों से फर्जी आधार, पैन कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों का उपयोग कर देहरादून के एक नाइट क्लब में बाउंसर की नौकरी कर रहा था। ये सभी दस्तावेज रीना चौहान ने अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम व पते पर बनवाए थे, जिससे दोनों पति-पत्नी के रूप में रह सकें।
कैसे शुरू हुई पहचान, कैसे हुआ अवैध प्रवेश?
दोनों की मुलाकात फेसबुक पर हुई थी।
ममून वर्ष 2019, 2020 और 2021 में तीन बार टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आया।
वर्ष 2022 में दोनों भारत-बांग्लादेश सीमा अवैध रूप से पार कर बांग्लादेश गए, वहाँ उन्होंने निकाह किया।
इसके बाद दोनों गैर-कानूनी तरीके से वापस भारत लौट आए और देहरादून में रहने लगे।
छापेमारी में बरामद हुए फर्जी दस्तावेज
गुप्त सूचना पर पुलिस व LIU टीम ने अलकनंदा एन्क्लेव (फेज-2), नेहरू कॉलोनी में छापेमारी की। तलाशी में आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य भारतीय पहचान दस्तावेज बरामद किए गए।
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज गिरोह के बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।