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स्मार्ट मीटर बने जनता के लिए स्मार्ट संकट - हर घर से उठ रही शिकायतों की आवाज़, स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक, UPCL का बड़ा आदेश जारी; शिकायतों के निस्तारण तक बंद रहेगा मीटर परिवर्तन का कार्य
उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार बढ़ती उपभोक्ता शिकायतों और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने बड़ा कदम उठाया है। 22 नवंबर 2025 को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में लिए गए फैसले के अनुसार, अब स्मार्ट मीटर बदलने और लगाने के सभी कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
UPCL ने सभी अधीक्षण अभियंताओं, मुख्य अभियंताओं और स्मार्ट मीटरिंग से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जब तक उपभोक्ता शिकायतों का 100% निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक स्मार्ट मीटर लगाने या पुराने मीटर बदलने का काम आगे नहीं बढ़ेगा।
शिकायतों की बाढ़ से हिल गया विभाग
बैठक में यह माना गया कि:
स्मार्ट मीटर तेज चलने,
गलत रीडिंग आने,
ऐप पर डेटा अपडेट न होने,
बिल कई गुना बढ़ने,
बिजली बार-बार ट्रिप होने,
सिस्टम से कनेक्टिविटी समस्याओं
जैसी शिकायतें लगातार आ रही हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया, जिसके बाद UPCL ने तत्काल प्रभाव से फैसला लिया।
उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए लगेंगे ‘विशेष मेगा कैम्प’
आदेश के अनुसार:
हर उपखंड स्तर पर मेगा कैम्प आयोजित किए जाएंगे।
इन कैंपों में AMISP (स्मार्ट मीटर सेवा प्रदाता) के कर्मचारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे।
उपभोक्ताओं की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया जाएगा।
मुख्य अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे।
इसके बाद ही स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।
मीटर परिवर्तन पर रोक केवल इन मीटरों को छोड़कर
UPCL ने स्पष्ट किया है कि-
NSC मीटर
IDF मीटर
को बदलने के कार्य जारी रहेंगे, लेकिन अन्य स्मार्ट मीटर स्थापना पर पूरी तरह रोक रहेगी।
कंपनियों को भी सख्त निर्देश
मेगा कैंपों में इन कंपनियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है:
1. गढ़वाल स्मार्ट मीटरिंग प्राइवेट लिमिटेड
2. अडानी एनर्जी सॉल्यूशन लिमिटेड
3. मेधाज PMA
कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि तकनीकी रूप से सक्षम प्रतिनिधि भेजें, ताकि उपभोक्ता शिकायतों का समाधान वहीं तुरंत हो सके।
UPCL का संदेश-पहले समस्या सुलझेगी, फिर मीटर लगेगा
मुख्य अभियंता (परिचालन) बी.एम.एस. परमार ने आदेश में कहा है:
स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता है। जब तक सभी शिकायतें दूर नहीं हो जातीं, तब तक मीटर बदलने का कार्य बंद रहेगा।
निष्कर्ष
स्मार्ट मीटर को लेकर फैले व्यापक असंतोष के बीच UPCL का यह आदेश उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा है। लगातार बढ़ते बिल और तकनीकी गड़बड़ियों के चलते जनता में जो रोष था, अब वह शांत होने की उम्मीद है। विभाग अब सीधे फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करेगा और उपभोक्ताओं की बात सुनेगा।