🔊
उत्तराखंड में ई-डिटेक्शन e-Detection प्रणाली लागू बिना रोके कटेगा चालान, 19 जनवरी 2026 से ऑटो मोड में होगी कार्रवाई
उत्तराखंड राज्य में सड़क परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में ई-डिटेक्शन e-Detection प्रणाली का शुभारंभ कर दिया गया है। यह प्रणाली बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सड़कों पर चल रहे वाहनों के दस्तावेजों की निगरानी करेगी।
ई-डिटेक्शन प्रणाली के अंतर्गत टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों के FASTag डेटा के माध्यम से वाहन संख्या की पहचान की जाएगी। इसके बाद वाहन का विवरण भारत सरकार के ‘वाहन Vahan’ पोर्टल से रियल टाइम में मिलान किया जाएगा, जिसमें परमिट, बीमा प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र PUCC, फिटनेस सर्टिफिकेट एवं रोड टैक्स आदि की वैधता की जांच होगी।
यदि किसी वाहन के दस्तावेज अमान्य, एक्सपायर्ड या अनुपलब्ध पाए जाते हैं, तो सिस्टम स्वतः उसे उल्लंघन की श्रेणी में चिन्हित कर देगा। उल्लंघन की पुष्टि होने पर स्वचालित ई-चालान जारी किया जाएगा तथा वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर चालान संबंधी जानकारी और भुगतान लिंक के साथ SMS भेजा जाएगा।
वाहन मालिक Parivahan Sewa पोर्टल अथवा https://echallan.parivahan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन जुर्माना जमा कर सकेंगे।
इन टोल प्लाजा से होगी शुरुआत-
राज्य में यह प्रणाली एनआईसी के सहयोग से परिवहन विभाग द्वारा निम्न टोल प्लाजा पर लागू की जा रही है-
बहादराबाद टोल प्लाजा, हरिद्वार
भगवानपुर टोल प्लाजा, हरिद्वार
लच्छीवाला टोल प्लाजा, देहरादून
जगतपुर पट्टी टोल प्लाजा, उधम सिंह नगर
बनबसा टोल प्लाजा, उधम सिंह नगर
नगला टोल प्लाजा, उधम सिंह नगर
देवखड़ी टोल प्लाजा, उधम सिंह नगर
दिनांक 17 जनवरी 2026 को प्रणाली का मैन्युअल परीक्षण किया गया, जिसमें 49,060 वाहनों का डेटा प्राप्त हुआ। परीक्षण में किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं पाई गई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि 19 जनवरी 2026 से ई-डिटेक्शन प्रणाली को ऑटो मोड में लागू किया जाएगा।
प्रणाली के लाभ-
ई-डिटेक्शन प्रणाली से सड़कों पर वाहनों को रोककर जांच करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। साथ ही मानवीय पक्षपात एवं अनियमितताओं पर रोक लगेगी और केवल वैध दस्तावेज वाले वाहन ही सड़कों पर संचालित हो सकेंगे।