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पश्चिम एशिया युद्ध का असर: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, तेल कीमतों में उछाल; अमेरिका पर भी बढ़ा दबाव।
पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-इस्राइल संघर्ष और अमेरिका की भागीदारी के कारण हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इस युद्ध का फिलहाल कोई स्पष्ट अंत नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
जहां अमेरिका और इस्राइल का कहना है कि वे ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह कमजोर करना चाहते हैं, वहीं ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की रणनीति अपनाई है।
ऊर्जा संकट की आशंका
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी हलचल मच गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है।
अमेरिका में भी बढ़ी मुश्किलें
शुरुआत में माना जा रहा था कि इस युद्ध से अमेरिका को ज्यादा नुकसान नहीं होगा, लेकिन जैसे-जैसे संघर्ष लंबा खिंच रहा है, हालात बदलते दिख रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार देश में तेल की कीमतों में लगभग 17% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
टैंकरों पर हमले से तनाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की सेना ने इस समुद्री मार्ग को बंद रखने के लिए जहाजों पर हमले और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिशें की हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बढ़ गया है।
दूसरी ओर अमेरिका ने पहले वाणिज्यिक तेल टैंकरों को नौसैनिक सुरक्षा देने की योजना बनाई थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम में वह इस कदम से पीछे हटता नजर आ रहा है।
व्हाइट हाउस पर दबाव
अमेरिकी मीडिया के अनुसार युद्ध के लंबा खिंचने से व्हाइट हाउस पर दबाव बढ़ गया है और अब वह इस संघर्ष से निकलने के लिए कूटनीतिक रास्ता तलाशने की कोशिश कर रहा है।