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विमान हादसे में 1000 डिग्री सेलसियस तापमान में जहां लोहा पिघल गया, वहीं सुरक्षित मिली भगवतगीता- एक भी पन्ना नहीं जला
अहमदाबाद | 13 जून 2025
अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे के मलबे से एक चौंकाने वाला दृश्य सामने आया है। जहां एक ओर पूरा विमान जलकर खाक हो गया, लोहे के ढांचे तक पिघल गए, वहीं राहत और बचाव कार्य के दौरान भगवद्गीता की एक प्रति पूरी तरह सुरक्षित पाई गई। हैरानी की बात यह है कि इस पुस्तक का एक भी पन्ना क्षतिग्रस्त नहीं हुआ।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बचावकर्मी गीता को हाथ में लेकर उसके पन्ने पलटता है। यह वीडियो गुजराती भाषा में है और तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।
धधकते मलबे से निकली आस्था की लौ
राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अधिकारियों के अनुसार, हादसे के बाद घटनास्थल पर तापमान 1000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इतनी अधिक गर्मी में विमान के लोहे तक गल गए और आसपास मौजूद पशु-पक्षियों को तक भागने का मौका नहीं मिला। सब कुछ राख में तब्दील हो गया।
बावजूद इसके, मलबे से बरामद हुई भगवद्गीता ने सभी को चकित कर दिया। एसडीआरएफ कर्मियों ने इसे एक चमत्कार की संज्ञा दी है। एक अधिकारी ने बताया, मैंने अपने आठ साल के आपदा राहत कार्य में ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा। आग इतनी भयंकर थी कि पीपीई किट पहनने के बावजूद काम करना मुश्किल हो रहा था।
ईंधन टैंक में धमाका बना भीषण आग का कारण
एसडीआरएफ के मुताबिक, विमान के ईंधन टैंक में जैसे ही धमाका हुआ, आग ने विकराल रूप ले लिया। हर ओर सिर्फ धुआं, मलबा और जलती हुई वस्तुएं थीं। कई घंटों की मशक्कत के बाद राहतकर्मी मलबे को हटाने में सफल हुए। उसी दौरान यह अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
नोट: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस घटना की जांच आवश्यक है कि अत्यधिक तापमान में गीता जैसी वस्तु कैसे सुरक्षित रह सकी। हालांकि, जनमानस में यह घटना आस्था और चमत्कार का प्रतीक बनकर उभर रही है।