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उत्तराखण्ड सरकार की दो बड़ी पहल: स्वास्थ्य और सिंचाई योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती
देहरादून, 03 मई 2025:
उत्तराखण्ड सरकार ने स्वास्थ्य एवं सिंचाई क्षेत्रों में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व एवं मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई सचिव समिति की बैठक के निर्णयों के क्रम में स्वास्थ्य एवं सिंचाई विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देशन में दो महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
15 नोडल अधिकारी स्वास्थ्य योजनाओं के लिए नियुक्त
राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं—अटल आयुष्मान योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, एवं अन्य सेवाओं की पहुंच जन-जन तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदवार नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी ब्लॉक स्तर तक योजनाओं की समीक्षा कर एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
इन अधिकारियों में शामिल हैं:
स्वाति भदौरिया (चमोली), रीना जोशी (देहरादून), अनुराधा पाल (बागेश्वर), वरुण चौधरी (पौड़ी), डॉ. सुनीता टम्टा (टिहरी), डॉ. आशुतोष सयाना (रुद्रप्रयाग), डॉ. शिखा जंगपांगी (उत्तरकाशी), डॉ. नर्सिंग गुंजियाल (पिथौरागढ़), डॉ. मनोज उप्रेती (हरिद्वार), डॉ. चंद्र प्रकाश त्रिपाठी (चंपावत), ताजबर सिंह जग्गी (ऊधमसिंहनगर), डॉ. राजीव पाल सिंह (रुद्रप्रयाग), डॉ. मनु जैन (चंपावत), डॉ. बिन्देश कुमार शुक्ला (अल्मोड़ा), डॉ. आर. आर. बिष्ट (नैनीताल)।
13 वरिष्ठ अधिकारी बनाए गए सिंचाई निरीक्षण प्रभारी
सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति, प्रभावशीलता और जमीनी सच्चाई जानने के लिए 13 वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जनपदों में भ्रमण कर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। ये अधिकारी एक सप्ताह में योजनाओं की स्थिति, लाभार्थियों की प्रतिक्रिया, और फोटोग्राफ्स सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
निरीक्षण अधिकारी के रूप में नामित किए गए हैं:
गरिमा रौंकली (टिहरी), सुभाष चंद्र (उत्तरकाशी), बृजेश तिवारी (चमोली), प्रशांत बिश्नोई (पिथौरागढ़), शंकर कुमार साहा (पौड़ी), पी.के. मल्ल (चंपावत), गोकरन सिंह टोलिया (अल्मोड़ा), डी.एस. कछवाहा (नैनीताल), नवीन सिंघल (हरिद्वार), संजीव श्रीवास्तव (बागेश्वर), बी.के. पांडे (रुद्रप्रयाग), शरद श्रीवास्तव (ऊधमसिंहनगर), आर.बी. सिंह (चमोली)।
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का पारदर्शी और परिणामोन्मुख क्रियान्वयन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और रिपोर्टों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
यह पहल राज्य में सुशासन, जवाबदेही और जनता तक योजनाओं के प्रभावी लाभ पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।