🔊
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा: शिकायतों का औपचारिक नहीं, वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें - मुख्यमंत्री
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा: शिकायतों का औपचारिक नहीं, वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें - मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को पोर्टल पर बंद करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में किसी विशेष प्रकृति की शिकायतें अधिक प्राप्त हो रही हैं, वहां जिलाधिकारी संबंधित विभागों के साथ विभागवार समीक्षा कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही बार-बार सामने आ रही समान शिकायतों के कारणों का विश्लेषण कर उनके स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए।
तहसीलों का औचक निरीक्षण करें डीएम
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने दाखिल-खारिज के मामलों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने तथा भूमि धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को कहा।
उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आमजन को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और निर्धारित सेवाएं समय पर उपलब्ध हों।
पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा पाइपलाइन और सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज और अन्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
30 दिन से अधिक लंबित शिकायतों की होगी विशेष समीक्षा
मुख्यमंत्री ने 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा। सचिव, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी अपने स्तर पर लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करेंगे। निर्धारित समय में शिकायत का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
वहीं 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पुराने मामलों की नियमित मॉनिटरिंग और उनके लंबित रहने के कारणों की समीक्षा के निर्देश दिए।
'स्पेशल क्लोज' और 'फोर्स क्लोज' से बचें
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों को अनावश्यक रूप से 'स्पेशल क्लोज' या 'फोर्स क्लोज' न करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि शिकायत बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई वास्तव में हुई है।
उन्होंने शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक के आधार पर निस्तारण की गुणवत्ता का आकलन करने और अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। वहीं लापरवाही और अनावश्यक देरी करने वालों की जवाबदेही तय करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से फोन पर की बात
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर सीधे बातचीत कर समस्याओं के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी।
संजय कुमार रावत ने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान लंबित है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पौड़ी गढ़वाल की बेबी कोटनाला ने परित्यक्ता पेंशन से जुड़ी समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
हरिद्वार की गीता ने बताया कि उनके घर के पास करीब तीन माह पहले पानी की टंकी बन गई, लेकिन अभी तक उससे पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार को मौके का निरीक्षण कर तत्काल पेयजल आपूर्ति शुरू कराने के निर्देश दिए।
वहीं देहरादून की शिल्पी सक्सेना ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के बाद समयबद्ध तरीके से समस्या का समाधान कर दिया गया। अल्मोड़ा के आयुष बिष्ट ने भी छात्रवृत्ति संबंधी शिकायत के समाधान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति मिलने में हुई देरी के कारणों की जांच करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम है। इसका उद्देश्य केवल शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है
खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें: