🔊
लोहाघाट में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर 2500 लोगों ने किया सामूहिक राष्ट्रगीत गायन
सरस्वती शिशु मंदिर और विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश
लोहाघाट। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोहाघाट में भव्य सामूहिक राष्ट्रगीत गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संचालित सरस्वती शिशु मंदिर, श्रीमती हीरा भट्ट सरस्वती बालिका विद्या मंदिर तथा विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में करीब 2500 लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रगीत का गायन किया।
कार्यक्रम में विद्यालयों के भैया-बहनों, आचार्य परिवार, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विभाग संघचालक रूप सिंह बोहरा ने की, जबकि वरिष्ठ अधिकारी गिरीश चंद्र उप्रेती मुख्य वक्ता रहे।
मुख्य वक्ता गिरीश चंद्र उप्रेती ने कहा कि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से राष्ट्र के प्रति निष्ठा, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना की भावना को मजबूत करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ बांग्ला और संस्कृत का ऐतिहासिक गीत है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों में राष्ट्रीय भावना को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों और नागरिकों में राष्ट्रप्रेम, एकता तथा सांस्कृतिक गौरव की भावना को जागृत करना रहा। सामूहिक गायन के दौरान पूरा वातावरण राष्ट्रगीत की धुन से गूंज उठा।
कार्यक्रम के विभाग संयोजक डॉ. चंद्रशेखर जोशी, प्रधानाचार्य विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज लोहाघाट रहे। सह-संयोजक नन्द किशोर पुनरा ने आयोजन में सहयोग किया।
कार्यक्रम में पूर्व सेतु आयोग के उपाध्यक्ष एवं भारतीय शिक्षा समिति के सदस्य राजेश्वर जोशी तथा पूर्व प्रदेश निरीक्षक कृष्णानन्द चौबे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।