🔊
जमीनी हकीकत जानने गांव-गांव पहुंचे अपर सचिव, विकास कार्यों की ली जानकारी।
टनकपुर-बनबसा समेत विभिन्न क्षेत्रों में चार दिन चला निरीक्षण और जनसंवाद, शिक्षा व जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर रहा जोर
चम्पावत, 25 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने 21 से 24 सितंबर तक चम्पावत जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर विकास कार्यों और सरकारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने टनकपुर, बनबसा और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।
बनबसा क्षेत्र के देवीपुरा, बेलबंदगोठ, गुदमी और कैनाल में ग्रामीणों से संवाद के दौरान सड़क, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और जल निकासी से संबंधित मुद्दे सामने आए। अपर सचिव ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली।
टनकपुर में नगर पालिका, राजकीय प्राथमिक विद्यालय चंदनी और उप जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया। अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बस्तिया में एनडीआरएफ द्वारा आयोजित आपदा जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। इसके अलावा जिला सैनिक कल्याण बोर्ड में पूर्व सैनिकों से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई तथा दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी गईं।
छह विद्यालयों को मिले आधुनिक डिजिटल शिक्षण उपकरण
दौरे के अंतिम दिन जिले के छह सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर विद्यालयों में डिजिटल लर्निंग सुविधा की शुरुआत की गई। सीएसआर पहल के तहत विद्यालयों को कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस और 65 इंच के इंटरैक्टिव पैनल उपलब्ध कराए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर और रोचक शिक्षा मिल सकेगी।
डिजिटल सुविधा पुलहिंडोला, मादली, खेतीखान, पाटी, चंदनी और बाराकोट स्थित विद्यालयों में उपलब्ध कराई गई है।
अपर सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक रहने वाले पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, विद्युत, रोजगार, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों में विभागीय समन्वय के साथ तेजी लाने और जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।