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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया माँ पूर्णागिरि मेले 2025 का भव्य शुभारंभ
टनकपुर, चंपावत: उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि मेले 2025 का भव्य शुभारंभ राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधिवत रूप से किया। मुख्यमंत्री ने माँ पूर्णागिरि के चरणों में नतमस्तक होकर मेले का उद्घाटन किया और श्रद्धालुओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।
पूर्णागिरि धाम बनेगा वर्षभर संचालित होने वाला आध्यात्मिक केंद्र
मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि पूर्णागिरि धाम को सालभर संचालित होने वाले धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र उत्तराखंड की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक है, और इसे बेहतर आधारभूत संरचनाओं एवं आधुनिक सुविधाओं से सशक्त किया जाएगा।
मुख्य घोषणाएँ एवं विकास योजनाएँ
1. बुनियादी ढांचे को मिलेगा विस्तार
टनकपुर बस स्टेशन को 200 करोड़ रुपये की लागत से ISBT (इंटर स्टेट बस टर्मिनल) के रूप में विकसित किया जाएगा।
मल्टी-लेवल पार्किंग की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 की जाएगी।
पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे निर्माण कार्य जारी।
2. पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
माँ पूर्णागिरि धार्मिक पर्यटन सर्किट का निर्माण किया जाएगा, जिसमें आसपास के प्रमुख मंदिरों और प्राकृतिक स्थलों को जोड़ा जाएगा।
श्यामलाताल झील के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत।
टनकपुर में राफ्टिंग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी।
3. स्वास्थ्य और शिक्षा में बड़ा निवेश
जिला चिकित्सालय में 50-बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक (20 करोड़ की लागत)।
टनकपुर में 50-बेड का आयुष अस्पताल (15 करोड़ की लागत)।
इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान का निर्माण पूरा (28 करोड़ की लागत)।
चंपावत में साइंस सेंटर (55 करोड़ की लागत) और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कार्य प्रगति पर।
4. तीर्थयात्रियों के लिए विशेष सुविधाएँ
पूर्णागिरि मेले के संपूर्ण क्षेत्र में स्मार्ट कंट्रोल रूम और सीसीटीवी निगरानी तंत्र स्थापित होगा।
मेले के लिए बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन बनाया जाएगा, जहाँ मेला अधिकारी, पुलिस, और चिकित्सकों के लिए बेहतर सुविधाएँ होंगी।
ठुलीगाड़ और बाबलीगाड़ पेयजल पंपिंग योजना शुरू की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
"पूर्णागिरि धाम भविष्य में और भव्य होगा" – मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री ने कहा, "आने वाले 25 वर्षों में माँ पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ेगी। हम अभी से इसकी योजना बना रहे हैं ताकि भविष्य में बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।" उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि घोषणाओं को शीघ्र और प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
इस शुभ अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और हज़ारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री की इस पहल से न केवल पूर्णागिरि धाम को एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। उत्तराखंड सरकार इस क्षेत्र को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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