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माता पूर्णागिरि मेला स्वास्थ्य कैम्प संकट में: बदहाल व्यवस्था के विरोध में चिकित्सकों ने सेवा रोकने की चेतावनी
टनकपुर, उत्तराखंड: माता पूर्णागिरि मेला स्वास्थ्य कैम्प में कार्यरत चिकित्सकों और फार्मेसी अधिकारियों ने प्रशासन की लचर व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक उनके रहने की उचित व्यवस्था नहीं होती, तब तक कैम्प का संचालन संभव नहीं होगा।
वीडियो में उजागर हुआ मेला स्थल असली हाल
एक वायरल वीडियो में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए आवंटित आवासीय व्यवस्था को दिखाया गया है। वीडियो में दो कक्षों की तुलना की गई, जहां प्रथम कक्ष, जो किसी विशिष्ट अधिकारी के लिए उपयुक्त प्रतीत होता है, जबकि अत्यंत दयनीय स्थिति वाला द्वितीय कक्ष चिकित्साधिकारियों और फार्मेसी अधिकारियों को रहने के लिए आवंटित किया गया है। यही नहीं, इसी जर्जर कक्ष में मरीजों का उपचार करने की भी अपेक्षा की गई है।
चिकित्सकों का विरोध और चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने बार-बार प्रशासन से उचित सुविधाओं की मांग की, लेकिन उनकी शिकायतें अनसुनी कर दी गईं। अब, चिकित्सकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनके रहने और काम करने की संतोषजनक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक काली मंदिर स्वास्थ्य कैम्प को अच्छी तरह से संचालित करना संभव नहीं होगा।
https://youtube.com/shorts/U7qAiVtdvvo?si=pye2CCsp8x7tq3_p
चिकित्सकों ने प्रशासन को चेताया कि यदि इस अवधि में किसी अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मेला प्रशासन की होगी।
जनता की सेहत पर असर
इस निर्णय से माता पूर्णागिरि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है। यह मामला ना सिर्फ मेले में व्यवस्था की बदहाली को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह प्रशासन स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों को अनदेखा कर रहा है।
क्या होगा आगे?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव गंभीर समस्या खड़ी कर सकता है।