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भारत में लॉन्च हुई मौनजारो दवा: डायबिटीज और मोटापे को कंट्रोल करने का नया तरीका, कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान
नई दिल्ली। अमेरिकी फार्मा कंपनी एली लिली ने डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे मरीजों के लिए अपनी नई दवा मौनजारो (टिर्जेपेटाइड) भारतीय बाजार में लॉन्च कर दी है। यह दवा सप्ताह में एक बार ली जाती है और इसे केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से मंजूरी मिलने के बाद जारी किया गया है।
कीमत पर चर्चा तेज
मौनजारो की कीमत को लेकर सोशल मीडिया और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
2.5 मिलीग्राम की एक शीशी की कीमत ₹3,500 रखी गई है।
5 मिलीग्राम की शीशी की कीमत ₹4,375 होगी।
डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई खुराक के आधार पर मरीजों को हर महीने ₹14,000 से ₹17,500 तक खर्च करने होंगे।
कैसे काम करती है मौनजारो?
यह दवा टाइप-2 डायबिटीज और अधिक वजन वाले मरीजों के लिए एक डुअल-एक्शन थेरेपी के रूप में काम करती है।
यह GIP (ग्लूकोज-निर्भर इंसुलिनोट्रोपिक पॉलीपेप्टाइड) और GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) हार्मोन रिसेप्टर्स दोनों को सक्रिय करती है।
इससे रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित होता है और मोटापे को कम करने में मदद मिलती है।
भारत में बढ़ती मोटापे की समस्या
भारत दुनिया के तीन सबसे अधिक मोटापाग्रस्त देशों में शामिल है।
भारतीय महिलाओं में मोटापे की दर 1990 में 1.2% थी, जो 2022 में बढ़कर 9.8% हो गई।
पुरुषों में यह दर 0.5% से बढ़कर 5.4% तक पहुंच गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रही तो देश के स्वास्थ्य क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी की अपील और मौनजारो की लॉन्चिंग
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोटापे की रोकथाम और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया था। इसी पृष्ठभूमि में मौनजारो की भारत में एंट्री को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या मौनजारो गेम-चेंजर साबित होगी?
विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी प्रभावशीलता तो साबित हो चुकी है, लेकिन कीमत आम लोगों के लिए एक चुनौती बन सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि भारत में इसे कितने लोग अपना पाते हैं और सरकार क्या इसे किसी स्वास्थ्य योजना के तहत शामिल करती है या नहीं।