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उप्र -दरोगा संजय कुमार पाठक का निधन, शव के लिए भिड़ी दोनों पत्नियां, शव को लेकर दो परिवारों में विवाद-मारपीट के बाद पिता को सौंपा गया शव।
लखनऊ/जौनपुर | 29 जुलाई 2025
गुडंबा के आदिलनगर निवासी और उरई कोतवाली नगर में तैनात दरोगा संजय कुमार पाठक (54) का सोमवार रात अचानक निधन हो गया। मौत के बाद मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर उनके दोनों परिवारों के बीच शव को लेकर जमकर विवाद हुआ। कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस ने बीच-बचाव कर शव संजय के पिता दयाशंकर पाठक को सौंप दिया, जो उसे लेकर जौनपुर रवाना हो गए।
मूल रूप से जौनपुर जिले के मछलीशहर निवासी संजय पाठक आदिलनगर में अपनी दूसरी पत्नी आराधना अंसारी और दो बेटों अभिनव व अरनव के साथ रहते थे। उन्होंने आराधना से वर्ष 2016 में विवाह किया था। उनकी पहली पत्नी चंद्रकुमारी पाठक अपने बेटे आशीष और तीन बेटियों के साथ मछलीशहर में रहती हैं।
दरोगा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव जब घर ले जाने की बात आई, तो पहली पत्नी और दूसरी पत्नी के परिवारों में विवाद हो गया। देखते ही देखते बात हाथापाई तक पहुंच गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दरोगा की मौत का स्पष्ट कारण नहीं पाया गया। डॉक्टरों ने शव से हार्ट और विसरा सुरक्षित रख लिया है, जिसकी जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
पहली पत्नी के बेटे ने दूसरी पत्नी पर लगाया आरोप
दरोगा की पहली पत्नी के बेटे आशीष ने संजय की दूसरी पत्नी आराधना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उनके पिता को "स्लो पॉइजन" देकर मारा है। आशीष ने बताया कि उनके पिता ने पहली पत्नी को तलाक दिए बिना ही आराधना से दूसरी शादी कर ली थी और सरकारी दस्तावेजों में उनका नाम दर्ज कराया था। इसको लेकर पहले ही उरई में शिकायत दर्ज थी और जांच चल रही थी।
वहीं, आराधना ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संजय की तबीयत सोमवार रात अचानक खराब हुई थी और उनकी मौत उसी कारण हुई।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।