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रईसजादों के चंगुल में फंसी तीन सहेलियां: बोलीं- निर्वस्त्र कर कराते थे डांस, बीयर पिलाकर करते थे दुष्कर्म
बांदा में रईसजादों के चंगुल में फंसी तीन सहेलियां, पुलिस को सौंपी यौन शोषण के सबूत
बांदा: नौकरी की तलाश में निकलीं तीन युवतियां शहर के तीन रईसजादों के शोषण का शिकार हो गईं। आरोपियों ने उन्हें नशा करवाकर न सिर्फ दुष्कर्म किया, बल्कि अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी किया। डर और बदनामी की वजह से चुप रहीं युवतियों ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और सबूत के तौर पर एक पेन ड्राइव सौंपी है, जिसमें उनके साथ हुए अपराध के प्रमाण हैं।
आरोपियों ने नौकरी का झांसा देकर किया शोषण
तीनों युवतियां एक-दूसरे की बचपन की सहेलियां हैं। उनके मुताबिक, शहर के कारोबारी आशीष अग्रवाल, स्वतंत्र साहू और ठेकेदार लोकेंद्र सिंह चंदेल ने नौकरी दिलाने के बहाने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी जबरन शराब और सिगरेट पीने के लिए मजबूर करते थे और निर्वस्त्र कर नाचने को कहते थे। जब वे मना करतीं, तो जान से मारने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती थी।
पुलिस पर सवाल, अब तक नहीं हुआ मेडिकल
युवतियों का आरोप है कि पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया। इससे कानूनी प्रक्रिया में देरी हो रही है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
जातिसूचक गालियां और ब्लैकमेलिंग
एक पीड़िता अनुसूचित जाति से है, जिसके साथ आरोपी जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसका अपमान करते थे। तीनों सहेलियों ने बताया कि जब उन्होंने आरोपियों से दूरी बनानी चाही, तो उन्हें ब्लैकमेल किया गया। नवीन कुमार नाम के एक व्यक्ति की मदद से वे आरोपियों के संपर्क में आई थीं, लेकिन उसने भी उनकी कोई सहायता नहीं की।
और भी लड़कियां हो चुकी हैं शिकार?
पीड़िताओं का कहना है कि वे अकेली नहीं हैं, बल्कि कई और लड़कियां भी इसी तरह शोषण का शिकार हुई हैं। लेकिन वे समाज और बदनामी के डर से सामने नहीं आ रहीं।
पीड़िताओं की मांग - मिले इंसाफ
तीनों युवतियों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही, उन्हें सुरक्षा भी दी जाए ताकि वे बिना किसी डर के अपनी बात रख सकें।
(बांदा पुलिस से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।)