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राजस्थान-मध्यप्रदेश में खांसी की दवा बनी जानलेवा - 7 बच्चों की मौत, जांच के बाद दवा पर रोक
जयपुर/भोपाल, 30 सितंबर 2025।
मध्यप्रदेश और राजस्थान में बच्चों के लिए दी जाने वाली खांसी की सिरप से सात बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में दवा में हानिकारक तत्व (टॉक्सिक सब्सटेंस) की आशंका जताई जा रही है।
केंद्र और राज्य सरकारों की स्वास्थ्य टीमें मौके पर जांच में जुटी हैं, वहीं रिपोर्ट आने का इंतजार है।
मध्यप्रदेश में छह, राजस्थान में एक बच्चे की मौत
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में छह बच्चों की मौत हुई है, जबकि एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है।
वहीं राजस्थान में एक बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है।
दोनों राज्यों में अस्पतालों में कई बच्चे अभी भी भर्ती हैं और इलाज चल रहा है।
सरकारी अस्पतालों में वितरित हुई थी खांसी की दवा
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, राजस्थान में यह खांसी की दवा सरकारी अस्पतालों में वितरित की गई थी।
मध्यप्रदेश में भी यह दवा सरकारी आपूर्ति चैनल के माध्यम से बच्चों को दी जा रही थी।
शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने संदेह जताया है कि दवा के सेवन के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।
छिंदवाड़ा में बढ़े सर्दी-खांसी के मामले
छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने बताया कि परासिया समेत कई इलाकों में अगस्त और सितंबर माह में बच्चों को सर्दी-खांसी की शिकायतें बढ़ी थीं।
इलाज के दौरान बच्चों को खांसी और बुखार रोकने के लिए दवा दी गई, लेकिन कुछ दिनों बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
स्वास्थ्य विभाग ने की कार्रवाई
घटना के बाद दोनों राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने तत्काल दवा पर रोक लगा दी है।
केंद्र सरकार ने दवा के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे हैं, और रिपोर्ट आने के बाद ही दवा का नाम व निर्माता का खुलासा किया जाएगा।
जांच पूरी होने तक सतर्कता बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने माता-पिता से अपील की है कि बच्चों को कोई भी खांसी या सर्दी की दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न दें।
जांच रिपोर्ट आने तक इस दवा का वितरण और उपयोग दोनों पर रोक लगा दी गई है।