🔊
कफ सिरप पीने के बाद 12 बच्चों की मौत, दो साल से कम उम्र के बच्चों को डॉ की सलाह के बिना सिरप न पिलाएं- सरकार की एडवाइजरी जारी
भोपाल/जयपुर, सूवि।
मध्यप्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने के बाद 12 बच्चों की मौत के मामले की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार संदिग्ध सिरप में किसी भी प्रकार की हानिकारक या प्रतिबंधित सामग्री नहीं पाई गई है। जांच में सिरप को क्लीन चिट दे दी गई है।
बताया गया कि दिल्ली स्थित सीडीएससीओ, पुणे के वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कुल 9 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें किसी भी सैंपल में गलत तत्व नहीं मिला। साथ ही राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) भी इस मामले की जांच कर रहा है।
सरकार ने एहतियात के तौर पर एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कोई भी कफ सिरप न पिलाएं।
पहला संदिग्ध मामला 24 अगस्त को सामने आया था, जबकि पहली मौत 7 सितंबर को दर्ज की गई थी। शुरुआती जांच में 500 से अधिक बच्चों के सैंपल लिए गए, जिनमें किसी संक्रामक रोग या विषैले तत्व का संकेत नहीं मिला।
जांच के बाद Dextromethorphan HBr Syrup को क्लीन चिट दे दी गई है। यह दवा मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत कैसन फार्मा कंपनी (सरना डूंगर) द्वारा आपूर्ति की गई थी। राजस्थान में इस दवा की सप्लाई जून 2025 से की जा रही थी, और अब तक करीब 1.64 लाख डोज मरीजों को दी जा चुकी हैं।
फिलहाल राज्य औषधि प्राधिकरण और स्वास्थ्य मंत्रालय मामले की निगरानी कर रहे हैं।