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दिल्ली के अस्पताल में बड़ी लापरवाही: बिजनौर के पंकज सिंह का शव गलती से दूसरे परिवार को सौंपा, कर दिया अंतिम संस्कार
नई दिल्ली/बिजनौर:
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले पंकज सिंह (39 वर्ष) की 1 अक्टूबर को दिल्ली के प्रेम नगर इलाके में छत से गिरने से मौत हो गई थी। परिजन 2 अक्टूबर को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल, मंगोलपुरी पहुंचे तो वहां यह जानकर स्तब्ध रह गए कि अस्पताल ने उनका शव किसी और परिवार को सौंप दिया था और उसका पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था।
कैसे हुई लापरवाही
जानकारी के मुताबिक, मोर्चरी स्टाफ ने पंकज सिंह के शव को गलती से नांगलोई निवासी भारत भूषण (45) का शव समझ लिया। नांगलोई पुलिस ने भी दूर से पहचान करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया। भारत भूषण की पत्नी ने बताया कि उसे आंखों से कम दिखाई देता है, इसलिए शव को सही से नहीं देख पाई। परिवार ने शव को अपना समझकर बुधवार को ही अंतिम संस्कार कर दिया।
परिजनों में आक्रोश
पंकज के भाई प्रदीप सिंह ने बताया कि जब वह पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचे तो मोर्चरी स्टाफ और पुलिस के बीच अफरा-तफरी मच गई। दोपहर तक जांच करने पर पता चला कि शव गलती से किसी और को दे दिया गया है। प्रदीप ने इस गंभीर लापरवाही पर अस्पताल प्रशासन और पुलिस दोनों से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि “अब हमें नहीं पता कि राख हमारे भाई की ही है या किसी और की।”
प्रदीप ने अस्थियां लेने से इनकार कर दिया और रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त को लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
पंकज सिंह का परिवार
पंकज सिंह मूल रूप से गांव उमरी-खदाना, धामपुर, बिजनौर के निवासी थे। वे दिल्ली के प्रेम नगर में अपनी पत्नी चंचल के साथ किराए पर रहते थे। बुधवार तड़के नींद में छत से गिरने से उनकी मौत हो गई थी।
अस्पताल प्रशासन और पुलिस सवालों के घेरे में
यह मामला अब अस्पताल और पुलिस प्रशासन दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। शव की पहचान में लापरवाही, बिना उचित सत्यापन के सौंपना और निगरानी तंत्र की कमी - इन सभी कारणों से यह दर्दनाक घटना घटी।