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राज्यों में पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजें, गृह मंत्री अमित शाह का निर्देश
नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2025:
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे। अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संपर्क कर अपने-अपने राज्यों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और शीघ्र निर्वासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने शुक्रवार को सभी मुख्यमंत्रियों को फोन कर कहा कि किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को निर्धारित समय सीमा से अधिक भारत में रुकने की अनुमति न दी जाए।
गृह मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने 27 अप्रैल से सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं और पाकिस्तान में रह रहे भारतीय नागरिकों को भी जल्द स्वदेश लौटने की सलाह दी गई है।
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सरकार के अब तक के प्रमुख कदम:
1. सिंधु जल संधि निलंबित – 1960 से चली आ रही संधि को तत्काल प्रभाव से रोका गया।
2. अटारी एकीकृत चेक पोस्ट बंद – सीमा पार आवागमन पर रोक, सीमित वापसी की अनुमति।
3. सार्क वीजा छूट योजना रद्द – पाकिस्तानियों को दिए गए SVES वीजा रद्द कर 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश।
4. पाक उच्चायोग से रक्षा सलाहकार निष्कासित – भारतीय उच्चायोग से भी स्टाफ को बुलाया जा रहा है।
5. वीजा सेवाएं निलंबित – सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने के आदेश, मेडिकल वीजा वालों को 29 अप्रैल तक छूट।
6. सीमा रिट्रीट समारोह में बदलाव – बीएसएफ ने पंजाब बॉर्डर पर होने वाले दैनिक समारोह को सीमित किया।
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प्रधानमंत्री मोदी ने दिए थे कड़े कदम उठाने के निर्देश
हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह से बात कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था। इसके बाद शाह ने शीर्ष अधिकारियों की बैठक बुलाकर कई बड़े फैसले लिए, जिनका प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है।