🔊
बलूच नेता मीर यार बलूच का ऐलान: बलूचिस्तान पाकिस्तान नहीं है भारत व अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांगा समर्थन
इस्लामाबाद/नई दिल्ली | 14 मई 2025:
पाकिस्तान से दशकों से अलगाव की मांग कर रहे बलूचिस्तान में अब निर्णायक स्वर गूंजने लगे हैं। बलूच नेता मीर यार बलूच ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक भावुक संदेश में बलूचिस्तान की आज़ादी का ऐलान किया और इसे बलूच जनता का राष्ट्रीय फैसला बताया।
उन्होंने साफ कहा, बलूचिस्तान पाकिस्तान नहीं है। बलूच लोगों ने अपना फैसला सुना दिया है। अब दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने भारत और वैश्विक समुदाय से समर्थन की अपील करते हुए कहा कि बलूच जनता वर्षों से हिंसा, जबरन गायब किए जाने और नरसंहार जैसी क्रूर यातनाएं झेल रही है।
भारत के रुख का समर्थन
मीर यार बलूच ने भारत के उस ऐलान का समर्थन किया जिसमें उसने 14 मई को पाकिस्तान से पीओके खाली करने को कहा था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पीओके के नागरिकों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है और अगर युद्ध हुआ तो उसके लिए सिर्फ लालची जनरल जिम्मेदार होंगे।
पाकिस्तान पर गंभीर आरोप
बलूच नेता ने दावा किया कि पाकिस्तान बलूचिस्तान को कानूनी रूप से जोड़ने का कोई सबूत अंतरराष्ट्रीय मंच पर नहीं दिखा सका। उन्होंने कहा, 27 मार्च 1948 को पाकिस्तान में विलय का कोई वैध, हस्ताक्षरित या अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्य दस्तावेज पाकिस्तान नहीं दिखा पाया।
बलूचों की भारत से अपील
मीर यार बलूच ने भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया कि वे बलूचों को पाकिस्तानी कहना बंद करें। उन्होंने कहा, हम बलूचिस्तान के नागरिक हैं। पाकिस्तान के अपने लोग पंजाबी हैं, जिन्होंने कभी न बमबारी झेली, न गायब किए गए परिजनों का दुख देखा।
भविष्य की योजना
बलूच नेता ने कहा कि आज़ादी मिलने के बाद बलूचिस्तान संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता लेकर वैश्विक शांति, जलवायु परिवर्तन और गरीबी उन्मूलन में योगदान देगा। उन्होंने दीर्घकालिक रणनीतिक व आर्थिक साझेदारियों के निर्माण की भी बात कही।