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लधिया-रतिया सहित सहायक नदियों में विस्फोटक से मछली मारने की शिकायत पर जिलाधिकारी सख्त, वन, पुलिस और मत्स्य विभाग को संयुक्त रूप से कार्रवाई के निर्देश, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने को कहा।
लधिया-रतिया सहित सहायक नदियों में विस्फोटक से मछली मारने की शिकायत पर जिलाधिकारी सख्त*म, वन, पुलिस और मत्स्य विभाग को संयुक्त रूप से कार्रवाई के निर्देश, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने को कहा।
मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सोमवार को आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों,स्थानीय लोगों द्वारा लधिया, रतिया एवं उनके सहायक गधेरों सहित क्षेत्र की छोटी नदियों में विस्फोटक पदार्थों का प्रयोग कर मछलियां मारने की शिकायत जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के समक्ष रखी गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया और वन विभाग, पुलिस तथा मत्स्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों एवं गधेरों में विस्फोटक पदार्थों का प्रयोग कर मछलियां मारना जलीय जैव विविधता और प्राकृतिक पारिस्थितिकी के लिए गंभीर खतरा है। इस प्रकार की गतिविधियों से मछलियों के साथ ही अन्य जलीय जीवों एवं उनके प्राकृतिक आवास को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने वन, पुलिस एवं मत्स्य विभाग को संयुक्त रूप से संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करने और आप्रकृति तरीके से मछली मारने पर प्रभावी अंकुश लगाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायत की जांच कर लागू पर्यावरणीय, मत्स्य एवं विस्फोटक पदार्थ संबंधी अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद की नदियों, जलस्रोतों और जलीय जैव विविधता का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है। प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी अपील की कि इस प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग अथवा प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।