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27 वर्षों बाद चम्पावत को मिली अपनी स्वतंत्र एनसीसी कंपनी, लेफ्टिनेंट कर्नल नगरकोटी बने पहले कमांडिंग ऑफिसर
चम्पावत। जिले के लिए गौरवपूर्ण पल आया है, जब जिला सृजित होने के 27 वर्षों बाद चम्पावत को अपनी स्वतंत्र एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) कंपनी प्राप्त हुई है। अब तक जिले में चल रही एनसीसी यूनिट्स का संचालन पिथौरागढ़ की 80वीं बटालियन और अल्मोड़ा की 24 गर्ल्स बटालियन से किया जा रहा था। लेकिन अब एक नई शुरुआत के साथ लेफ्टिनेंट कर्नल नरेंद्र सिंह नगरकोटी को जिले की पहली स्वतंत्र एनसीसी कंपनी का कमांडिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को बधाई देते हुए कहा कि यह कदम युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। एनसीसी से छात्र-छात्राओं को अनुशासन, स्वास्थ्य, नेतृत्व कौशल और सैन्य सेवाओं की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त होता है।
नई कंपनी के अंतर्गत तीन मिनिस्टीरियल कर्मचारी, एक सूबेदार और चार हवलदारों की नियुक्ति भी की गई है। वर्तमान में जिले में 62 राजकीय इंटर कॉलेज, 26 निजी संस्थान, 43 राजकीय हाई स्कूल और 9 निजी हाई स्कूल संचालित हैं, जहां एनसीसी यूनिट्स के विस्तार की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
एनसीसी का 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले युवाओं को सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस में विशेष वरीयता मिलती है। 'सी' सर्टिफिकेट धारक कैडेट्स को सेना की भर्ती में लिखित परीक्षा से भी छूट दी जाती है।
चम्पावत जैसे सीमांत जिले में एनसीसी का सशक्त आधार बनना युवाओं के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।