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रंगरूट रहते मेडिकल बोर्ड ने भेजा घर, मौत के बाद पेंशन पर अटका पेच।
रंगरूट रहते मेडिकल बोर्ड ने भेजा घर, मौत के बाद पेंशन पर अटका पेच।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी की पहल से नारायणी देवी के परिवार के लिए फैमिली पेंशन का रास्ता साफ।
चम्पावत। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल उमेद सिंह की पहल ने एक गरीब पूर्व सैनिक के परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण जगा दी है। रंगरूट के दौरान ही मेडिकल बोर्ड द्वारा सेना से घर भेजे गए सैनिक मनीराम की मृत्यु के बाद उनके परिवार के सामने फैमिली पेंशन का संकट खड़ा हो गया था। सैनिक ने सेना में भर्ती होने के बाद अपने परिवार के सदस्यों के नाम सेना के अभिलेखों में दर्ज नहीं कराए थे, जिसके चलते पेंशन का मामला उलझ गया।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय में मामला पहुंचने के बाद अधिकारी ने इसकी गंभीरता को समझते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई शुरू कराई। जांच में सामने आया कि मनीराम की पहली पत्नी नारायणी देवी से कोई संतान नहीं थी। बाद में आपसी सहमति से उन्होंने अपनी साली को भी घर में रखा। समय के साथ दोनों से बच्चे हुए और परिवार एक साथ रहने लगा। इसी पारिवारिक स्थिति के कारण सैनिक की मृत्यु के बाद फैमिली पेंशन को लेकर तकनीकी और कानूनी पेच पैदा हो गया। कैंसर से पीड़ित मनीराम अपनी मृत्यु से करीब एक माह पहले जिला सैनिक कल्याण कार्यालय पहुंचे थे। इसके बाद विभाग ने उनके प्रकरण में कार्रवाई शुरू की। मामले में आवश्यक दस्तावेजों और पारिवारिक स्थिति की जांच के साथ संबंधित स्तर पर लगातार पैरवी की गई। काफी मशक्कत के बाद अब परिवार के लिए फैमिली पेंशन मिलने का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। बताया गया कि सैनिक की साली ने भी अपनी दीदी नारायणी देवी को पेंशन दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। परिवार के सभी सदस्य वर्तमान में एक ही परिवार के रूप में साथ रह रहे हैं। ऐसे में विभागीय स्तर पर किए गए प्रयास से लंबे समय से पेंशन की आस लगाए परिवार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
सैनिकों को अभिलेखों में परिवार की जानकारी अपडेट रखनी चाहिए।
चम्पावत। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल उमेद सिंह ने कहा कि प्रत्येक सैनिक को सेना के अभिलेखों में अपने परिवार और आश्रितों की जानकारी समय-समय पर अपडेट रखनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर सैनिक की मृत्यु के बाद परिजनों को फैमिली पेंशन समेत अन्य लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
फोटो : फैमिली पेंशन का रास्ता साफ होने के बाद राहत की उम्मीद में नारायणी देवी।