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पीपलढिंग और फूलारकोट में स्वास्थ्य शिविर, 68 ग्रामीणों की जांच
पीपलढिंग और फूलारकोट में स्वास्थ्य शिविर, 68 ग्रामीणों की जांच
वायरल फीवर की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य टीम, 11 मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लिए गए
चम्पावत, 11 सितम्बर 2026। दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य पखवाड़े के तहत शुक्रवार को ग्राम पीपलढिंग और फूलारकोट में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं।
गांव में वायरल फीवर, बुखार, खांसी और जुकाम से ग्रामीणों के प्रभावित होने की सूचना पर पीपलढिंग में 56 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉ. सौरभ ने मरीजों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया, जबकि फार्मेसी अधिकारी योगेश कन्नौजिया ने दवाओं का वितरण किया। सीएचओ और एएनएम ने ग्रामीणों की एनसीडी जांच एवं पंजीकरण भी किया।
शिविर में चंदन लैब के अंकित द्वारा 11 मरीजों के ब्लड सैंपल लिए गए। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार सैंपलों की टाइफाइड डॉट, सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, डेंगू और मलेरिया आदि की जांच की जा रही है।
आशा कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय बताए और क्लोरीन का वितरण किया। ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई।
इसके बाद स्वास्थ्य टीम ग्रामसभा पीपलढिंग के तोक फूलारकोट पहुंची, जहां 12 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। दोनों स्थानों पर कुल 68 ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और मौसमी बीमारियों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र में बुखार, वायरल संक्रमण या अन्य मौसमी बीमारियों के मामले सामने आने पर स्वास्थ्य टीम को तत्काल मौके पर भेजकर जांच, उपचार और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य पखवाड़े के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर जांच, उपचार और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बुखार अथवा अन्य लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से परामर्श लें।
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