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पाटी के भगवान लाल ने मत्स्य पालन से बदली तकदीर, एक लाख रुपये की अतिरिक्त आय
जौलाड़ी गांव में सरकारी प्रोत्साहन और मेहनत से मत्स्य पालन बना स्वरोजगार का जरिया
चम्पावत, 11 सितम्बर 2026। सरकार की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित हो रहे हैं। इसका उदाहरण विकासखंड पाटी के दूरस्थ जौलाड़ी गांव निवासी पशुपालक भगवान लाल हैं, जिन्होंने पारंपरिक पशुपालन के साथ मत्स्य पालन को अपनाकर अपनी आय में बढ़ोतरी की है।
चम्पावत जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर जौलाड़ी गांव के रहने वाले भगवान लाल को मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं के तहत 60 प्रतिशत अनुदान पर मत्स्य पालन के लिए तालाब उपलब्ध कराया गया। विभाग की ओर से उन्हें वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन के लिए समय-समय पर तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया।
उत्पादन बढ़ाने के लिए विभाग ने उन्हें गुणवत्तापूर्ण मछली बीज और पौष्टिक चारा भी उपलब्ध कराया। विभागीय मार्गदर्शन के साथ भगवान लाल ने मेहनत और लगन से मत्स्य पालन को आगे बढ़ाया।
उन्होंने पिछले वर्ष एक क्विंटल से अधिक मछली का उत्पादन कर स्थानीय बाजार में बिक्री की। इससे उन्हें करीब एक लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। मत्स्य पालन से हुई अतिरिक्त आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
भगवान लाल की सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और मेहनत के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। आज वे अपने क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों और पशुपालकों के लिए भी मत्स्य पालन के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रहे हैं।
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