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जंगल में आग लगाने की कोशिश: आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार अब नहीं बख्शे जाएंगे अपराधी हर गतिविधि पर चौकस नजर
चंपावत ज़िले में जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग की सतर्कता रंग ला रही है। गुरुवार को दोपहर 3:20 बजे वन विभाग की गश्ती टीम ने एक व्यक्ति को जंगल में आग लगाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई न केवल एक अपराधी की गिरफ्तारी है, बल्कि जिलेवासियों के लिए एक सख्त चेतावनी भी है अब कोई भी आगजनी की साजिश छिपा नहीं सकेगा।
आरोपी की पहचान ग्राम तिलौन पुनेठी निवासी कैलाश सिंह महर (उम्र 48 वर्ष) के रूप में हुई है। वह वन पंचायत क्षेत्र में आग लगा रहा था, तभी मौके पर पहुंचे उप राजिक चतुर सिंह, वन दरोगा मोहित चौड़ाकोटी, और वन आरक्षी भुवन चंद्र भट्ट ने तत्काल कार्रवाई कर आग को फैलने से पहले ही बुझा दिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटनास्थल पर ही अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसके खिलाफ भारतीय वन अधिनियम की सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही है।
अब हर कोना है निगरानी में
वन विभाग अब केवल गश्त तक सीमित नहीं है। विभाग ने ड्रोन, कैमरा ट्रैप, गुप्त टीमें और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया है, जिससे जंगल की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों से जानकारी मिल रही है कि कुछ लोग चोरी-छिपे आग लगाने की फिराक में हैं, लेकिन अब कोई भी बच नहीं पाएगा।
जागरूक नागरिकों से सहयोग की अपील
वन विभाग ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को जंगल में आग लगाने की कोशिश करता कोई भी व्यक्ति दिखे, तो तुरंत नजदीकी वन विभाग कार्यालय या पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा और विभाग की ओर से सम्मानित भी किया जा सकता है।
कड़ा संदेश: एक चिंगारी अब जेल तक ले जा सकती है
अब जंगल या नाप भूमि में आग लगाना दंडनीय अपराध है। इसके तहत सीधे गिरफ्तारी, जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। यह कानून अब सख्ती से लागू किया जा रहा है।