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सनसनीखेज हत्या, बड़े भाई ने छोटे भाई को पीट-पीटकर मार डाला, पहले भी कर चुका है हत्या, जमानत पर बाहर आकर फिर खून।
हल्द्वानी। बरेली रोड क्षेत्र में मेडिकल पुलिस चौकी से महज 150 मीटर की दूरी पर मंगलवार देर रात एक युवक ने अपने ही छोटे भाई की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक लंबे समय से लीवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित था। आरोपी ने घटना के दौरान देसी रिवॉल्वर के बल पर परिजनों को धमकाकर बीच-बचाव से रोके रखा और वारदात के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस ने चार घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बरेली रोड स्थित राम मंदिर बगीचा निवासी सोनू जायसवाल (44) पुत्र स्व. लल्लन प्रसाद जायसवाल लीवर सिरोसिस से पीड़ित था। मंगलवार देर रात उसका बड़ा भाई संदीप जायसवाल शराब के नशे में घर पहुंचा और सोनू से मारपीट शुरू कर दी। आरोपी ने पास में रखा स्टील का लोटा उठाकर सोनू के सिर और मुंह पर ताबड़तोड़ वार किए तथा उसे उठाकर तख्त पर पटकता रहा।
परिजनों ने जब बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो संदीप ने देसी रिवॉल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और सभी को कमरे में बंद कर दिया। गंभीर पिटाई से सोनू बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपी पानी पिलाकर उसे उठाने की कोशिश करता रहा और फिर फरार हो गया।
घटना के समय घर में मृतक की मां रानी, भाभी, दो भतीजे और दो भतीजियां मौजूद थीं। बड़े भतीजे अंकित जायसवाल ने दोस्त सोनू कश्यप के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। सोनू को 108 एंबुलेंस से सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अंकित की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। बुधवार को दो चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया।
आरोपी देसी रिवॉल्वर सहित गिरफ्तार
एसपी सिटी मनोज कत्याल के अनुसार, कोतवाल विजय मेहता के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी की तलाश की गई। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने बुधवार तड़के संदीप जायसवाल को गांधी स्कूल गेट के पास से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 32 बोर की देसी रिवॉल्वर और दो कारतूस बरामद हुए हैं। हत्या में प्रयुक्त स्टील का लोटा भी जब्त किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
आपराधिक इतिहास रहा है गंभीर
पुलिस के मुताबिक आरोपी संदीप जायसवाल अविवाहित है और आपराधिक प्रवृत्ति का रहा है। उसके खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में हत्या, जानलेवा हमला और धोखाधड़ी समेत पांच मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2014 में उसने कारोबारी योगेश गुप्ता की गोली मारकर हत्या की थी। वर्ष 2018 और 2022 में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए। चार साल पहले जमानत पर जेल से बाहर आया था। आरोप है कि उसने अपनी मां के साथ भी मारपीट की थी, जिससे वह कोमा में चली गई थीं। वर्तमान मामले में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दो नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
फोटो - गूगल