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आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी की सख्त चेतावनी: सेनाओं को खुली छूट, जवाब कब और कैसे देना है, यह आप तय करें
नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2025।
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीधी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की और कहा कि सशस्त्र बलों को अब कार्रवाई का तरीका, लक्ष्य और समय तय करने की पूरी छूट दे दी गई है।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान तथा तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहे। यह बैठक लगभग डेढ़ घंटे चली और इसमें देश की सुरक्षा रणनीति को लेकर गंभीर विमर्श हुआ।
प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से कहा, "आतंकवाद पर करारा प्रहार करना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। जो लोग हमले के पीछे हैं, उन्हें धरती के आखिरी कोने से भी खोज निकाला जाएगा और सबसे सख्त सजा दी जाएगी।" उनका यह बयान पाकिस्तान की ओर सीधा संकेत माना जा रहा है, जो लंबे समय से भारत में आतंकवाद को समर्थन देने के आरोपों से घिरा रहा है।
पाकिस्तान के खिलाफ पांच रणनीतिक फैसले
प्रधानमंत्री की बैठक से पहले कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक और बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ पांच बड़े फैसले लिए गए:
1. सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया गया।
2. अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद करने का निर्णय।
3. सार्क वीजा के तहत पाकिस्तानी नागरिकों के भारत में प्रवेश पर रोक।
4. पाकिस्तानी उच्चायोग के सैन्य सलाहकारों को एक सप्ताह में देश छोड़ने का आदेश।
5. सीमा सुरक्षा और खुफिया नेटवर्क को और अधिक सतर्क और सक्रिय करने का निर्देश।
प्रधानमंत्री के इस कड़े रुख को भारत की जवाबी नीति में निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान को राजनीतिक, कूटनीतिक और सामरिक तीनों मोर्चों पर भारत के सख्त कदमों का सामना करना पड़ सकता है।