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राजकीय अस्पतालों में अब बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य, 1 मई से लागू होगा नया नियम
चम्पावत, 30 अप्रैल 2025:
उत्तराखण्ड शासन के निर्देशानुसार, चम्पावत जिले के समस्त राजकीय चिकित्सालयों एवं चिकित्सा इकाइयों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अब बायोमेट्रिक मशीनों के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम 1 मई 2025 से प्रभावी होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चम्पावत द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय शासनादेश और जिलाधिकारी, चम्पावत के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। सभी चिकित्सा इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी बायोमेट्रिक मशीनों को क्रियाशील रखें और सुनिश्चित करें कि समस्त कर्मचारी – चाहे वे नियमित हों या संविदा, आउटसोर्स, उपनल अथवा पीआरडी से जुड़े हों – प्रतिदिन इसी माध्यम से उपस्थिति दर्ज करें।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में कर्मचारियों के वेतन का आहरण केवल बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा। जिन स्थानों पर मशीनें खराब हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त कराना अनिवार्य किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अनुपालन की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल उपलब्ध कराएं।