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चम्पावत की सड़कें बदहाल, मानसून से पहले निर्माण कार्य लगभग ठप, मानसून काल में जनजीवन पर मंडरा रहा संकट
चम्पावत, 2 मई:
जिले में मानसून के आगमन में महज 40 से 45 दिन शेष हैं, लेकिन चम्पावत की सड़कों की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। शहर के कई इलाकों में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत या पुनर्निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इससे धूल, गड्ढों और कीचड़ के कारण आम नागरिकों को भारी असुविधा हो रही है।
मुख्य मार्गों पर भी निर्माण अधूरा
हिंग्ला देवी से ब्लॉक चौराहा, सर्किट हाउस से ब्लॉक ऑफिस और गोरल चोड़ रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर पाइपलाइन कार्य पूरा होने के बावजूद सड़क निर्माण अधर में लटका हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित निर्माण एजेंसी की उदासीनता के कारण इन मार्गों पर काम बंद पड़ा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
जलनिकासी बनी बड़ी समस्या
नागनाथ वार्ड में सर्किट हाउस से ब्लॉक चौराहे तक वर्षा जल निकासी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। गधेरों के मार्ग अवरुद्ध होने से पानी सड़कों पर बहता है और सैनिक कॉलोनी व तेलवाड़ा तक पहुंच जाता है। तीन वर्ष पूर्व इसी इलाके में जलभराव और भूस्खलन के चलते दो लोगों की जान भी जा चुकी है। बावजूद इसके, जल निकासी के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं हो रहा है।
धूल और कीचड़ ने बढ़ाई परेशानी
धूप में सड़कों से उड़ती धूल और बारिश में कीचड़ के कारण स्थानीय लोगों का जीवन दूभर हो गया है। गड्ढों से भरी सड़कें न केवल वाहनों के लिए जोखिमपूर्ण हैं, बल्कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानसून से पहले सभी अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
फोटो - चंपावत जलापूर्ति परियोजना