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चंपावत की झीलों में मत्स्य बीज संचयन से बढ़ेगी जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
चंपावत, 2 मई 2025 (सू.वि.):
जनपद चंपावत में झीलों की पारिस्थितिकी को सुदृढ़ करने और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत कोलिढेक झील और श्यामलाताल झील में कार्प प्रजाति के 50-50 हजार मत्स्य बीजों का संचयन किया गया।
इस अवसर पर जनपद प्रभारी कुंवर सिंह बगड़वाल ने बताया कि इससे पूर्व भी कोलिढेक झील में कार्प एवं महाशीर प्रजातियों के बीजों का संचयन किया गया था, जिनमें विशेष रूप से महाशीर मछलियों की वृद्धि संतोषजनक रही है। यह मछली अब स्थानीय पर्यावरण में अनुकूलित हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हुए इस मत्स्य बीज संचयन कार्यक्रम से झीलों में पारिस्थितिक संतुलन के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य में भी वृद्धि होगी, जिससे पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। श्यामलाताल झील में बीज संचयन के दौरान प्रशासक श्री जगदीश प्रसाद भी उपस्थित रहे।
कोलिढेक झील में हुए कार्यक्रम में सिंचाई विभाग के अभियंता प्रबुद्ध शर्मा, नाव संचालन समिति अध्यक्ष प्रकाश ढेक, मनीष ढेक, अनुज सिंह बोरा सहित कई स्थानीय लोग भी शामिल हुए।
मत्स्य विभाग ने इस पहल को झीलों के सतत विकास एवं मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक प्रयास बताया है।