🔊
गंगोलीहाट में विज्ञान का महाकुंभ संपन्न, वैज्ञानिकों ने छात्रों में जगाई विज्ञान के प्रति रुचि
गंगोलीहाट। हिमालयन ग्राम विकास समिति (एचजीवीएस) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय साइंस आउटरीच कार्यक्रम का समापन रविवार को उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने स्कूली छात्र-छात्राओं को विज्ञान के रोचक तथ्यों से परिचित कराते हुए उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के दौरान केमेस्ट्री के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बी. एस. बिष्ट ने विज्ञान को दैनिक जीवन से जोड़ते हुए कई रोचक उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि यदि मानव रक्त में आयरन की जगह मैग्नीशियम होता तो खून का रंग हरा दिखाई देता। उन्होंने यह भी समझाया कि प्याज काटते समय आंखों में आंसू क्यों आते हैं और इसके पीछे सल्फर की भूमिका क्या होती है।
डॉ. बिष्ट ने पौधों से बनने वाली औषधियों, ग्रीन टी, हरा धनिया, वाइन और शहद की केमिकल प्रॉपर्टीज के बारे में जानकारी दी। साथ ही ऑक्सीटोसिन हार्मोन के शरीर में रिलीज होने और उसके प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसान की भावनाओं और जीवनशैली से भी जुड़ा हुआ है।
गर्वनमेंट पीजी कॉलेज बेरीनाग के बॉटनी विभाग के डॉ. जे. एन. पंत ने पौधों के महत्व, फूल वाले और बिना फूल वाले पौधों के जीवन चक्र, प्रजनन और फूड साइकिल पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल भाषा में उत्तर दिया।
सेंट जोसेफ विश्वविद्यालय बेंगलुरु की डॉ. आंचल सिंघल ने मेडिसिन निर्माण, कंप्यूटर तकनीक और केमेस्ट्री में रोजगार के अवसरों पर छात्रों को जानकारी दी। उन्होंने जीपीएस सिस्टम का उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार मोबाइल हमें रास्ता दिखाता है, उसी प्रकार दवाएं शरीर में मौजूद रिसेप्टर्स की मदद से बीमारी वाले हिस्से तक पहुंचती हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो. विश्व मोहन पांडे, डॉ. विनायक पत्तर, प्रो. उदय कुमार रंगा, डॉ. अरुण पंचपाकेशन, प्रो. दुर्गेश पंत (डीजी, यूकॉस्ट) और प्रो. चंद्रभाष नारायणन ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक संदेश दिए।
कार्यक्रम के अंत में हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. आनंद सिंह जीना ने किया।
खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें: