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नाथ संप्रदाय के प्रमुख गुरु गोरखनाथ मठ के विकास को लेकर आगे आए श्रद्धालु, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
चंपावत, तल्लादेश – सघन वनों के बीच स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर, नाथ संप्रदाय का एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक स्थल है, जहां वर्षों से अखंड धूनी ज्योति जल रही है। यह स्थान न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि योग, साधना, ध्यान और आत्मिक चिंतन के लिए भी जाना जाता है।
महंत योगी रामनाथ जी के मार्गदर्शन में इस धाम को नई पहचान मिली है। उनके नेतृत्व में गोरखनाथ धाम आस्था और आध्यात्म का प्रमुख केंद्र बन चुका है। अब देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे धाम की महत्ता और बढ़ी है।
श्रावण मास में यहां लगने वाले मेलों और धार्मिक आयोजनों के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में मंदिर परिसर की पारंपरिक व्यवस्थाएं अब अपर्याप्त होती जा रही हैं। इसी क्रम में नाथ संप्रदाय के प्रमुख योगी रामनाथ जी, गुलजायी नाथ, देवनाथ, शाहीनाथ, लक्ष्मणनाथ जी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी से मुलाकात कर मंदिर परिसर के विकास हेतु एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में अखंड धूनी स्थल के सौंदर्यीकरण, मंदिर तक सोलर लाइटिंग, श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, प्रवचन हॉल, मंदिर का जीर्णोद्धार तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि गुरु गोरखनाथ की मौजूदा व्यवस्था लंबे समय से जसवंतनाथ जी के मार्गदर्शन में संचालित हो रही है, परंतु अब तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुधार की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ इस संप्रदाय के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपने उपचुनाव अभियान की शुरुआत यहीं से की थी और अभूतपूर्व विजय प्राप्त की थी, जिससे इस स्थान की ख्याति और बढ़ गई।
मुख्यमंत्री प्रतिनिधि श्री तिवारी ने आश्वासन दिया कि नाथ संप्रदाय के श्रद्धालुओं की भावनाओं से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया जाएगा और विकास कार्यों को शीघ्रता से अमल में लाया जाएगा।
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