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चम्पावत : पिता को 20 और पुत्र को 15 वर्ष का कठोर कारावास
चरस तस्करी में पिता-पुत्र दोषी करार, अदालत ने सुनाई सख्त सजा
चंपावत | विशेष संवाददाता
विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने चरस तस्करी के चार साल पुराने मामले में दोषी पाए गए पिता-पुत्र को कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने पिता रमेश सिंह (53) को 20 वर्ष के कठोर कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा दी है। वहीं पुत्र ललित सिंह (23) को 15 वर्ष का कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है।
अर्थदंड न अदा करने की स्थिति में रमेश सिंह को दो साल और ललित सिंह को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला सितंबर 2021 का है, जब पाटी थाना पुलिस देवीधुरा क्षेत्र के गर्सलेख में रात्रि चेकिंग के दौरान दोनों को चरस के साथ गिरफ्तार किया था। रमेश सिंह से 5.100 किलो और ललित सिंह से 4.100 किलो चरस बरामद हुई थी। पूछताछ में दोनों ने चरस खुद तैयार कर हल्द्वानी में ऊंचे दामों में बेचने की बात कबूली थी।
अदालत ने मामले के सभी पहलुओं और साक्ष्यों पर गौर करने के बाद दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया।
यह फैसला नारकोटिक्स के खिलाफ जारी सख्त अभियान के तहत एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।