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पासम स्कूल बना हाईस्कूल, सीमांत बच्चों के सपनों को मिली नई उड़ान।
उच्चीकरण पर ग्रामीणों में खुशी, मिठाई बांटकर जताया सरकार का आभार।
लोहाघाट। भारत-नेपाल सीमा से लगे दूरस्थ पासम क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम का हाईस्कूल में उच्चीकरण होने से क्षेत्र में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने इसे सीमांत क्षेत्र के शैक्षिक विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार का आभार जताया। विद्यालय के उच्चीकरण की मांग को आगे बढ़ाने में प्रधानाध्यापक एवं शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक नरेश जोशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विद्यालय की लगातार बढ़ती छात्र संख्या और बच्चों की शैक्षिक जरूरतों को देखते हुए उन्होंने इस मांग को प्रमुखता से उठाया। उनके मार्गदर्शन में ग्राम प्रधान चंद्रकांत तिवारी ने जिलाधिकारी एवं मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विद्यालय को हाईस्कूल बनाने की मांग रखी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ग्राम प्रधान चंद्रकांत तिवारी, एसएमसी अध्यक्ष मोहन सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य नैन राम, प्रधानाध्यापक नरेश जोशी समेत विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
प्रधानाध्यापक नरेश जोशी ने कहा कि उच्चीकरण से सीमांत क्षेत्र के बच्चों, विशेषकर बालिकाओं को कक्षा आठ के बाद माध्यमिक शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि विद्यालय में जल्द विषयवार शिक्षक, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय और खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
फोटो - पासम जूनियर विद्यालय का एक नजारा।