• होम
  • उत्तराखंड
  • देश/राष्ट्र
  • खेल समाचार
  • लोकल खबर
  • तथ्य एवं घटनाएं
  • क्रिकेट स्कोर
  • बारे में
  • सम्पर्क करें
No Result
View All Result

No Result
View All Result
ब्रेकिंग >>> स्वर्ण पदक विजेताओं को 4200 ग्रेड पे, रजत-कांस्य विजेताओं को भी सरकारी सेवा का अवसर , >>> सचिन की जिद और डॉक्टर राजीव की कोशिश ने बचाया 16 साल की रवीना का हाथ। , >>> MDM स्कूल में अग्निशमन मॉक ड्रिल, छात्रों और स्टाफ को सिखाए आग से बचाव के तरीके , >>> डीएम मनीष कुमार का त्वरित संज्ञान, टनकपुर उप जिला अस्पताल में एम्बुलेंस चालक की व्यवस्था , >>> लोहाघाट के जीवन खर्कवाल बने आधुनिक बागवानी की मिसाल, सेब-कीवी और पॉलीहाउस से संवारी खेती ,

Sunday, 13-September-2026

होम उत्तराखंड चंपावत

बग्वाल की परंपरा के असली प्रहरी हैं चार खाम प्रमुख, सदियों पुरानी परंपरा में खामों की कमान संभालते हैं वंशज, पड़तीदारों के बीच कायम है मान-सम्मान। (Champawat News)

Posted by admin
2026-08-26 20:23:19
0

खबर को शेयर करें:

Share Share Share

🔊

बग्वाल की परंपरा के असली प्रहरी हैं चार खाम प्रमुख, सदियों पुरानी परंपरा में खामों की कमान संभालते हैं वंशज, पड़तीदारों के बीच कायम है मान-सम्मान।


देवीधुरा। विश्व प्रसिद्ध मां बज्र बाराही धाम में होने वाली ऐतिहासिक बग्वाल केवल पत्थरों की परंपरागत लीला नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत का महानुष्ठान है। इस परंपरा को जीवंत रखने में यहां की चार खामों और उनके प्रमुखों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रत्येक खाम के अधीन दर्जनों गांवों के लोग जुड़े हैं, जिन्हें पड़तीदार कहा जाता है। बग्वाल के दिन यही पड़तीदार अपनी-अपनी खाम के समर्थन में देवीधुरा पहुंचते हैं। खाम प्रमुखों को यहां ‘प्रधान’ के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है। धार्मिक एवं परंपरागत आयोजनों में उनकी सहमति और दिशा-निर्देशन को महत्वपूर्ण माना जाता है। खाम से जुड़े लोग उनके निर्देशों के अनुसार अपनी परंपराओं और जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। देवीधुरा की बग्वाल में लमगड़िया, वालिक, चम्याल और गहड़वाल खाम के लोग भाग लेते हैं, जिन्हें भागवाली वीर कहा जाता है। यहां बग्वाल को युद्ध नहीं, बल्कि मां बाराही को प्रसन्न करने वाला पवित्र अनुष्ठान माना जाता है। चारों खामों में गहड़वाल खाम को बड़ी खाम माना जाता है और परंपरागत रूप से इसका अन्य तीन खामों पर नियंत्रण रहता है।

*पिता से पुत्र तक पहुंच रही विरासत*

गहड़वाल खाम के प्रमुख त्रिलोक सिंह बिष्ट करीब 15 वर्ष की उम्र से बग्वाल खेलते आ रहे हैं और अब उम्र के अंतिम पड़ाव में पहुंचने के बावजूद इस परंपरा से जुड़े हैं। उनके पिता भोपाल सिंह अनुशासनप्रिय और कड़े स्वभाव के साथ ही सरल एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे।
लमगड़िया खाम के प्रमुख वीरेंद्र सिंह लमगड़िया वर्तमान में अन्य खाम प्रमुखों की तुलना में कम उम्र के हैं। उनके पिता बहादुर सिंह लमगड़िया अपने समय में अनुशासनप्रिय खाम प्रमुख रहे और परंपरा के ध्वजवाहक के रूप में जाने गए। वालिक खाम की कमान अब बद्री की बिष्ट संभाल रहे हैं। उनके पिता खुशाल सिंह ने लंबे समय तक खाम का नेतृत्व किया। वहीं चम्याल खाम के प्रमुख गंगा सिंह अपने पिता गोपाल सिंह की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। बताया जाता है कि गोपाल सिंह ने जीवन के अंतिम समय तक बग्वाल में भाग लिया। खाम प्रमुखों की यह परंपरा केवल नेतृत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वजों से मिली आस्था, अनुशासन और जिम्मेदारी को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जीवंत मिसाल है। यही विरासत मां बाराही धाम की बग्वाल को आज भी विशिष्ट पहचान देती है।



फोटो : देवीधुरा की ऐतिहासिक बग्वाल में चारों खामों का नेतृत्व करने वाले खाम प्रमुख।


खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें:

खबर को शेयर करें:

Facebook Twitter WhatsApp

अपनी खबर यहां पोस्ट करें

संबंधित खबरें

    स्वर्ण पदक विजेताओं को 4200 ग्रेड पे, रजत-कांस्य विजेताओं को भी सरकारी सेवा का अवसर

    सचिन की जिद और डॉक्टर राजीव की कोशिश ने बचाया 16 साल की रवीना का हाथ।

    MDM स्कूल में अग्निशमन मॉक ड्रिल, छात्रों और स्टाफ को सिखाए आग से बचाव के तरीके

    डीएम मनीष कुमार का त्वरित संज्ञान, टनकपुर उप जिला अस्पताल में एम्बुलेंस चालक की व्यवस्था

    लोहाघाट के जीवन खर्कवाल बने आधुनिक बागवानी की मिसाल, सेब-कीवी और पॉलीहाउस से संवारी खेती

    84.45 करोड़ की सरयू आधारित पेयजल योजना से बदलेगी लोहाघाट की पेयजल व्यवस्था

    सेना छावनी, केंद्रीय विद्यालय और फागपुर-सैलानीगोठ जाने वाले लोगों की राह हुई आसान।

    दल बहादुर बाफिला के जिला सहकारी बैंक निदेशक बनने पर स्वागत।

    स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों से मिले मनोज टम्टा, शाल ओढ़ाकर किया सम्मान

    राष्ट्रीय लोक अदालत: गंगोलीहाट में बेंच संख्या-6 ने 49 मामलों का किया निस्तारण, 15.51 लाख की हुई वसूली।

    गणाई गंगोली में युवा समागम का आयोजन, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर हुआ मंथन

    लोहाघाट में 94 टेट्रा पैक अवैध देशी शराब के साथ एक गिरफ्तार

    रंगरूट रहते मेडिकल बोर्ड ने भेजा घर, मौत के बाद पेंशन पर अटका पेच।

    चम्पावत में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 111 मामलों का निस्तारण; 1.07 करोड़ रुपये से अधिक का सेटलमेंट

    नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    लंपी रोग से बचाव के लिए पशुपालकों को किया जागरूक, कमाजुला में लगा पशु चिकित्सा शिविर

    आधुनिक औद्यानिकी से बदली खेती की तस्वीर, लोहाघाट के रघुवरदत्त मुरारी बने मिसाल

    चम्पावत में तंबाकू निषेध को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, पोस्टर प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिया नशामुक्ति का संदेश

    NH-09 के घाट बैंड पर मलवा हटाने का काम जारी, यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस/पीआरडी जवान तैनात करने की मांग

    नाबालिगों के वाहन चलाने पर लोहाघाट पुलिस की सख्ती, 14 वाहनों पर कार्रवाई


Comments:

No Comments Added.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

उत्तराखंड देश/राष्ट्र खेल समाचार
लोकल खबर तथ्य एवं घटनाएं सरकारी नौकरी
तकनीकी समाचार ज्योतिष विद्या
लाइव क्रिकेट स्कोर मौसम का हाल कैलेंडर
  • होम
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • सेवा शर्तें

© Champawat News, All rights reserved. Designed and Developed by LD Bhatt, Whatsapp: +91-9540281104

error: Content is protected !!
X
Close Menu
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखंड
  • देश/राष्ट्र
  • खेल समाचार
  • लोकल खबर
  • तथ्य एवं घटनाएं
  • लाइव क्रिकेट स्कोर
  • हमारे बारे में
  • सम्पर्क करें

© Champawat News All rights reserved. Powered by ExtraGo.in