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साहसिक पर्यटन में अपार संभावनाएं, पिथौरागढ़ को मिल सकती है नई पहचान: वर्मा।
पैराग्लाइडर मनीष मखौलिया का नागरिक अभिनंदन, डेल्टा-41 पीक से पैराग्लाइडिंग कर रचा नया कीर्तिमान
पिथौरागढ़, 29 अगस्त 2026।
धनौड़ा निवासी साहसिक खिलाड़ी एवं पैराग्लाइडर मनीष मखौलिया का जिला मुख्यालय में आयोजित समारोह में नागरिक अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने कहा कि साहसिक खेलों और पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। पिथौरागढ़ की भौगोलिक परिस्थितियां इसे एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए बेहद अनुकूल बनाती हैं। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों से सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
सम्मान समारोह में मनीष मखौलिया ने बताया कि विगत 16 अगस्त को जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स की टीम ने 5921 मीटर की ऊंचाई पर स्थित डेल्टा-41 पीक को रिकॉर्ड 6 घंटे 15 मिनट में समिट किया। इसके बाद सुबह करीब 8 बजे उन्होंने कर्नल हेम चंद्र के साथ पैराग्लाइडर से उड़ान भरी और रोड हेड कैंप में सफल लैंडिंग की। यह उड़ान करीब 29 मिनट की रही तथा लैंडिंग 3330 मीटर की ऊंचाई पर हुई।
मनीष मखौलिया ने युवाओं से साहसिक खेलों को अपनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ में युवाओं की एक टीम इस दिशा में संकल्प के साथ काम कर रही है। पैराग्लाइडिंग, रिवर क्रॉसिंग, राफ्टिंग और माउंटेनियरिंग के क्षेत्र में पिथौरागढ़ में बेहतर प्रशिक्षक और संभावनाएं मौजूद हैं। समाज और जिला प्रशासन मिलकर पहल करें तो साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया जा सकता है।
मनीष मखौलिया ने गोरखा रेजिमेंट से रॉक क्लाइम्बिंग का प्रशिक्षण लिया और वर्ष 2017 से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत की। उन्होंने उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों की चोटियों से सफलतापूर्वक पैराग्लाइडिंग की है। वर्ष 2023 में उन्होंने पैराग्लाइडिंग प्री-वर्ल्ड कप में भी प्रतिभाग किया। इसके अलावा कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। वह ऑल इंडिया बाइक राइड में भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि डेल्टा-41 पीक बेहद तकनीकी और चुनौतीपूर्ण चोटी है, जो लेह-लद्दाख क्षेत्र में स्थित है। यहां आइस वॉल, क्लाइम्बिंग, रिवर क्रॉसिंग और क्रेवास जैसी कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस चोटी से समिट के बाद पैराग्लाइडर के माध्यम से उड़ान भरना और रिकॉर्ड समय में रोड हेड पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
समारोह में वन क्षेत्राधिकारी दिनेश जोशी, जाजरदेवल थानाध्यक्ष प्रकाश पांडेय, लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित बिष्ट, योगेंद्र चंद, दीपक मखौलिया, चित्रा मखौलिया, प्रगतिशील किसान जीवन कापड़ी, काजल मखौलिया, किसान भूषण पुरस्कार प्राप्त पूर्व सूबेदार केशव दत्त मखौलिया, आईस संस्था के प्रतिनिधि अनुपम बेरी, पल्लवी, मुस्कान सामाजिक उत्थान समिति की अध्यक्ष विनीता कलौनी, पूर्व सैन्य अधिकारी हरीश पांडेय, सौरभ धर्मशत्तू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने मनीष मखौलिया द्वारा पर्यावरण संरक्षण और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। इंट्रिसिक क्लाइंबर्स एंड एक्सप्लोरर्स आईस, मुस्कान सामाजिक उत्थान समिति, वन प्रभाग पिथौरागढ़ और दीपक मखौलिया की ओर से मनीष को अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन इंट्रिसिक क्लाइंबर्स एंड एक्सप्लोरर्स आईस और मुस्कान सामाजिक उत्थान समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। संचालन जगदीश कलौनी ने किया।