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फार्मासिस्टों की 391 पदों समेत पांच सूत्रीय मांगें, 1 सितंबर से आंदोलन।
फार्मासिस्टों की 391 पदों समेत पांच सूत्रीय मांगें, 1 सितंबर से आंदोलन।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने सीएम को भेजा ज्ञापन, काला फीता बांधकर जताएंगे विरोध।
चम्पावत। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत फार्मासिस्टों की लंबित मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड ने आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने 31 अगस्त तक अधिकारियों, महासंघ और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने तथा 1 सितंबर से काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है।
फार्मासिस्टों ने एमएसीपी में पदोन्नत पद का वेतनमान देने, स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 स्थगित पदों को क्रियाशील करने, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने, चिकित्सक विहीन चिकित्सा इकाइयों में कार्य करने के अधिकार देने तथा चारधाम यात्रा के लंबित देयकों का भुगतान करने की मांग उठाई है।
संगठन का कहना है कि फार्मासिस्ट संवर्ग का कैडर 1562 से घटाकर 963 पद कर दिया गया है, जबकि स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 पदों की विभागीय आवश्यकता स्पष्ट होने के बावजूद उन्हें क्रियाशील नहीं किया जा रहा है। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
एसोसिएशन ने 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नत पद का वेतनमान देने की भी मांग की है। संगठन के अनुसार फार्मेसी अधिकारियों के पदोन्नति के अवसर सीमित होने के कारण कई कर्मचारी 34-35 वर्ष तक एक ही पद पर सेवा देने को मजबूर हैं। आंदोलन से पूर्व जिला कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री कार्यालय चम्पावत और मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि प्रकाश चन्द्र तिवारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस दौरान प्रदेश महामंत्री डॉ. सतीश चंद्र पाण्डेय, जिलाध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी, जिला मंत्री रोशन लाल विश्वकर्मा, संप्रेक्षक तान सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
फोटो :मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी।